भारतीय रसोई में मौजूद मसाले केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि कई औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। दालचीनी, मेथी और हल्दी का मिश्रण ऐसा ही एक प्राकृतिक संयोजन है, जिसे लंबे समय से पारंपरिक खानपान में स्वास्थ्य लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इन तीनों मसालों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। हालांकि, इनके संभावित लाभों पर अलग-अलग शोध उपलब्ध हैं, लेकिन किसी भी बीमारी के […]Read More
आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इनमें शरीर में आयरन की कमी एक आम समस्या बन चुकी है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आयरन की सही मात्रा बेहद जरूरी होती है, क्योंकि यह हीमोग्लोबिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाने का काम करता है। शरीर में […]Read More
आजकल बाहर चाय या कॉफी पीने के लिए लोग प्लास्टिक कप की जगह पेपर कप को ज्यादा बेहतर विकल्प मानते हैं। लोगों को लगता है कि पेपर कप पर्यावरण और सेहत दोनों के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय इस धारणा से अलग है। जानकारों के अनुसार, पेपर कप को वाटरप्रूफ बनाने के लिए इनमें प्लास्टिक की एक पतली परत लगाई जाती है। गर्म पेय पदार्थों के संपर्क में आने पर इस परत […]Read More
अमरूद के फायदों को आम लोग कम आंकते हैं, जबकि डॉक्टर अमरूद को सेब जितना फायदेमंद बताते हैं। सीजन पर रोजाना 1 अमरूद खाने से वही फायदे मिलते हैं जो आपको सेब खाने पर मिलते हैं। बिना सीजन के सेब खाना कई बार महंगा पड़ जाता है, ऐसे में सीजनल अमरूद काफी सस्ता और फायदों में सेब जितना असरदार फल है। कुछ मामलों में तो अमरूद सेब से भी ज्यादा अच्छा है। अमरूद में विटामिन सी की […]Read More
नई दिल्ली: भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली कलौंजी सिर्फ मसाले के रूप में ही नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी जानी जाती है। तड़के से लेकर अचार तक में स्वाद और खुशबू बढ़ाने वाली कलौंजी के छोटे-छोटे बीज शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकते हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार, कलौंजी के बीजों में थाइमोक्विनोन (Thymoquinone) नामक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है, जो अपने एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और इम्यून […]Read More





