• September 12, 2026

गुजरात कांग्रेस के लिए सिर्फ राज्य नहीं, प्रेरणा का स्रोत- रणदीप सुरजेवाला ने बताई पार्टी की रणनीति

अहमदाबाद में कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुजरात को लेकर पार्टी की रणनीति और सोच सामने रखी। गुजरात के प्रभारी कांग्रेस महासचिव की नई जिम्मेदारी संभालने के बाद सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात कांग्रेस के लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि गुजरात की धरती से कांग्रेस की विचारधारा को नई दिशा मिली और पार्टी के लिए गुजरात और कांग्रेस एक-दूसरे के पर्याय हैं। सुरजेवाला ने भरोसा जताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के साथ मिलकर राज्य में विकास, प्रगति, सद्भाव और भाईचारे की राह को मजबूत करेगी।

‘गांधी और सरदार पटेल की धरती है गुजरात’

सुरजेवाला ने गुजरात को महात्मा गांधी और सरदार पटेल की धरती बताते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा इसी मिट्टी से निकली है।

उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए गुजरात केवल एक राज्य नहीं है, बल्कि पार्टी के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत है। सुरजेवाला के मुताबिक, पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के साथ मिलकर गुजरात में विकास और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य एक ऐसे नए गुजरात के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है, जहां विकास, प्रगति, सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत किया जा सके।

कांग्रेस ने बदले कई राज्यों के प्रभारी

गौरतलब है कि कांग्रेस ने हाल ही में संगठन में कई बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी ने कई प्रमुख नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है।

कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी महासचिव बनाया गया है, जबकि रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है। गुजरात की नई जिम्मेदारी के साथ सुरजेवाला के पास कर्नाटक के प्रभारी महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी बनी रहेगी।

भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी

कांग्रेस ने पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है। इसके अलावा सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

पार्टी के इन संगठनात्मक बदलावों को अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

जमीनी संगठन मजबूत करने पर कांग्रेस का फोकस

कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल में जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं और AICC सचिवों की भूमिका को भी महत्व दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को ज्यादा प्रभावी बनाना और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय मजबूत करना है।

गुजरात की जिम्मेदारी मिलने के बाद सुरजेवाला का बयान भी इसी रणनीति की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि गुजरात में कांग्रेस अपने संगठन और राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।

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