• September 12, 2026

20 साल बाद फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, CM मोहन यादव ने बताया पूरा प्लान

भोपाल/इंदौर: मध्य प्रदेश में करीब दो दशक बाद राज्य परिवहन बस सेवा को फिर से नई रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा प्रदेश में यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। इस सेवा की शुरुआत 25 सितंबर को किए जाने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान शुरू होगा, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी अभियान के दौरान प्रदेश में सुगम परिवहन बस सेवा को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।

20 साल बाद राज्य परिवहन सेवा को मिली नई संजीवनी

इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 20 साल से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को दोबारा शुरू करना एक बड़ा बदलाव है।

उन्होंने कहा कि सुगम परिवहन सेवा यात्रियों के साथ बस ऑपरेटरों, सरकार और नई तकनीक से जुड़े लोगों के लिए भी अवसर पैदा करेगी। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

15 हजार से ज्यादा बसें और 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क

सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा बसों और करीब 5 लाख किलोमीटर के सड़क नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए सुगम परिवहन सेवा को विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश देश के मध्य में स्थित है और यहां से दिल्ली तथा मुंबई तक पहुंचना आसान है। ऐसे में मजबूत लोक परिवहन व्यवस्था आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, बस सेवा में आधुनिक तकनीक को शामिल किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV, GPS, लाइव लोकेशन और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। बसों में इलेक्ट्रिक और CNG मॉडल को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट का सर्वे

परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने बताया कि सुगम परिवहन बस सेवा के लिए डेटा आधारित रूट तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 150 सिटी बस रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 इंटरस्टेट रूट का सर्वे किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि करीब 55 जिलों के रूट का सर्वे पूरा हो चुका है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में परिवहन सलाहकार समितियां बनाई गई हैं, जिनमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

प्रदेश स्तर पर यात्री परिवहन कंपनी का गठन किया गया है, जबकि सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाने की योजना है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

नई बस सेवा के साथ प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद जताई गई है। मनीष सिंह ने बताया कि 1,190 विशेषज्ञ पदों को मंजूरी दी गई है। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन कंपनी में भर्ती प्रक्रिया के लिए एमपी ऑनलाइन और टीसीएस के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सरकार का दावा है कि बस परिवहन व्यवस्था के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

MPYPIL और Rapido के बीच हुआ MOU

समिट के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ की स्मारिका, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के लोगो और विशेष पुस्तिका का विमोचन किया।

उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन चैलेंज प्रतियोगिता की घोषणा भी की। इस दौरान MPYPIL और Rapido के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके जरिए यात्रियों को टू-व्हीलर से बस सेवा तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

PM मोदी के नेतृत्व में विकास का दावा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात और अब भारत ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

उन्होंने सेना की मजबूती, नक्सलवाद में कमी, मेट्रो और एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। सीएम ने कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो का संचालन हो रहा है और प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है।

उज्जैन में बढ़ा धार्मिक पर्यटन, परिवहन व्यवस्था पर जोर

सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते दायरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन में पहले हर साल करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे, जबकि अब यह संख्या कई गुना बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़ने के साथ यात्रियों की आवाजाही भी बढ़ रही है। ऐसे में सुगम और सुरक्षित लोक परिवहन व्यवस्था समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने ‘एक राज्य, एक बस सेवा’ की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।

गांवों को शहरों से जोड़ेगी बस सेवा

परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सुगम यात्री परिवहन सेवा प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि ई-बसों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 1 अप्रैल को प्रदेश में सुगम परिवहन यात्री बस सेवा शुरू करने को मंजूरी दी गई थी। अब बस ऑपरेशन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है और सेवा को जमीन पर उतारने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण को भी मिलेगा बढ़ावा

समिट में विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों और परिवहन क्षेत्र की संभावनाओं पर बात की।

एका मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने बताया कि कंपनी पीथमपुर में अपना पांचवां इलेक्ट्रिक बस कारखाना शुरू करने जा रही है। उनके मुताबिक यहां हर साल करीब 5,000 इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण की क्षमता होगी।

वहीं, यश टेक्नोलॉजी के धर्मेंद्र जैन ने कहा कि उनकी कंपनी विकसित मध्य प्रदेश की यात्रा में योगदान देने के लिए तैयार है। ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि देश में रोजाना बड़ी संख्या में लोग बस परिवहन पर निर्भर हैं और मध्य प्रदेश का PPP मॉडल इस क्षेत्र में नई दिशा दे सकता है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *