• September 12, 2026

कैबिनेट मंत्री के बड़े भाई ने थामा कांग्रेस का हाथ, भूपेश बघेल ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम सियासी घटनाक्रम सामने आया है। विष्णु देव साय सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढाल दास साहेब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।

गुरु ढाल दास साहेब सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु बालदास के सबसे बड़े बेटे हैं। उनके कांग्रेस में आने से प्रदेश की राजनीति में इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

भूपेश बघेल ने कराया कांग्रेस में स्वागत

पोला तिहार के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरु ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके पार्टी में आने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी और पार्टी अपने सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ेगी।

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा—“शुरुआत हो चुकी है…सब मिलकर BJP को हटाएंगे।”

बोले- भाई और पिता से नहीं की बात

कांग्रेस में शामिल होने के बाद गुरु ढाल दास साहेब ने कहा कि स्वतंत्र भारत में सभी लोग आजाद हैं और उन्होंने अब कांग्रेस का हिस्सा बनने का फैसला किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले उन्होंने अपने भाई गुरु खुशवंत साहेब और पिता बालदास से इस बारे में कोई बातचीत नहीं की।

एक ही परिवार में BJP और कांग्रेस का कनेक्शन

गुरु ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद एक ही प्रभावशाली धार्मिक-राजनीतिक परिवार के दो सदस्यों के अलग-अलग राजनीतिक दलों में होने की चर्चा तेज हो गई है।

गुरु खुशवंत साहेब जहां बीजेपी के साथ हैं और विष्णु देव साय सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, वहीं उनके बड़े भाई गुरु ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। यही वजह है कि इस घटनाक्रम को छत्तीसगढ़ की राजनीति में खास नजर से देखा जा रहा है।

सतनामी समाज के लिहाज से क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

छत्तीसगढ़ की राजनीति में सतनामी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। राज्य की कुल 90 विधानसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर सतनामी समाज के प्रभाव का दावा किया जाता है। वहीं राज्य में अनुसूचित जाति की आबादी भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित सतनामी संप्रदाय में गहरी आस्था रखता है। ऐसे में समाज से जुड़े प्रभावशाली परिवार के सदस्य का कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां और सामाजिक समीकरण साधने की कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में गुरु ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।

हालांकि, इस घटनाक्रम का चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा। फिलहाल एक ही परिवार के दो प्रभावशाली सदस्यों का बीजेपी और कांग्रेस में होना छत्तीसगढ़ की सियासत में चर्चा का नया मुद्दा जरूर बन गया है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *