CM योगी ने याद किया मोदी का गुजरात कार्यकाल, बोले- फैसलों ने बदल दी राज्य की दशा और दिशा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में बिताए कार्यकाल को याद करते हुए उनके नेतृत्व और विकास कार्यों की सराहना की। सीएम योगी ने कहा कि 2001 से पहले गुजरात देश के दूसरे राज्यों की तरह ही एक सामान्य राज्य था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों ने राज्य की दशा और दिशा बदलने का काम किया।
सरदार सरोवर परियोजना से गांव-गांव पहुंचा पेयजल
सीएम योगी ने गुजरात में पेयजल और सिंचाई की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को लंबे समय तक सूखे और पानी की समस्या का सामना करना पड़ता था। कई इलाकों में पेयजल का संकट था और सिंचाई की सुविधाएं भी सीमित थीं। इसके अलावा कनेक्टिविटी समेत कई अन्य चुनौतियां गुजरात के सामने थीं।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरदार सरोवर की लंबित परियोजना को आगे बढ़ाया और इसे पूरा कराया। इसके बाद राज्य के अंतिम गांव तक पेयजल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ।
देश और दुनिया के लिए विकास का मॉडल बना गुजरात
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के करीब 13 वर्ष के गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल में राज्य ने विकास के कई क्षेत्रों में नई पहचान बनाई। उनके मुताबिक गुजरात केवल एक वेलफेयर स्टेट के तौर पर ही नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी देश-दुनिया के लिए एक मॉडल बनकर सामने आया।
उन्होंने कहा कि गुजरात को विकास के ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित किया गया, जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
यूपी के आंगनवाड़ी केंद्रों में बदलाव का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति में थे। सरकार के प्रयासों से अब 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया गया है।
इंसेफेलाइटिस की लड़ाई को लेकर बोले योगी
सीएम योगी ने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ अपने पुराने संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए वह पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ते थे। इस दौरान मासूम बच्चों की मौत देखकर कई बार वह भावुक भी होते थे।
योगी ने कहा कि 1976-77 के दौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस ने हजारों बच्चों को प्रभावित किया। उन्होंने वैक्सीन की उपलब्धता का उदाहरण देते हुए कहा कि जापान में 1905 में वैक्सीन विकसित हो गई थी, जबकि भारत में इसे आने में करीब 100 साल लगे।
मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया कि आज डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।