ज्वार का आटा खाने से मिल सकते हैं ये फायदे, हार्ट और ब्लड शुगर के लिए क्यों माना जाता है बेहतर?
भारतीय खानपान में कई ऐसे पारंपरिक अनाज शामिल हैं, जो स्वाद के साथ-साथ पोषण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ज्वार इन्हीं अनाजों में से एक है। ज्वार का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी डॉ. बिमल छाजेर ने अपने यूट्यूब वीडियो में ज्वार के पोषण और इससे जुड़े संभावित स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी है। उनके मुताबिक, ज्वार को सही मात्रा में डाइट में शामिल करने से ब्लड शुगर मैनेजमेंट और हार्ट हेल्थ के लिए फायदा हो सकता है।
हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। खासकर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
ज्वार में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
डॉ. बिमल छाजेर के अनुसार, करीब 100 ग्राम ज्वार में लगभग 330 कैलोरी होती हैं। इसमें करीब 72 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 10-11 ग्राम प्रोटीन और लगभग 3 ग्राम फैट पाया जाता है।
इसके अलावा ज्वार में करीब 6-7 ग्राम फाइबर और लगभग 350 मिलीग्राम पोटैशियम भी पाया जाता है। इसकी पोषण संरचना इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल किए जाने वाले पौष्टिक अनाजों में शामिल करती है।
ज्वार में मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है, जबकि प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है।
हार्ट हेल्थ के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है ज्वार?
ज्वार को हार्ट-फ्रेंडली डाइट का हिस्सा माना जा सकता है। इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के संतुलन और सामान्य ब्लड प्रेशर को बनाए रखने में भूमिका निभाता है।
ज्वार में मौजूद फाइबर भी संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्याप्त फाइबर का सेवन संपूर्ण हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद डाइट का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि, सिर्फ ज्वार खाने से ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी बीमारी ठीक होने का दावा नहीं किया जा सकता। हार्ट हेल्थ के लिए पूरी डाइट, शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह का पालन जरूरी है।
ब्लड शुगर मैनेजमेंट में भी मददगार हो सकता है
ज्वार में मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर शरीर में कार्बोहाइड्रेट के पाचन और ग्लूकोज के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से ज्वार जैसे साबुत अनाज को संतुलित डाइट में शामिल करना ब्लड शुगर मैनेजमेंट के लिहाज से उपयोगी हो सकता है।
डायबिटीज वाले लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि ज्वार भी कार्बोहाइड्रेट वाला अनाज है। इसलिए इसकी मात्रा और इसे किस खाद्य पदार्थ के साथ खाया जा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है।
पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा विकल्प
ज्वार में अच्छी मात्रा में डाइटरी फाइबर मौजूद होता है। फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है। इसलिए पर्याप्त पानी और संतुलित आहार के साथ ज्वार का सेवन कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मददगार हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से कब्ज, पेट दर्द या पाचन संबंधी दूसरी समस्या है, तो केवल ज्वार पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
ग्लूटेन-फ्री डाइट में हो सकता है शामिल
ज्वार प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री अनाज है। इसलिए सीलिएक डिजीज या ग्लूटेन से जुड़ी संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए यह गेहूं के विकल्प के तौर पर उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, पैकेज्ड ज्वार के आटे को खरीदते समय यह देखना जरूरी है कि वह अन्य ग्लूटेन वाले अनाजों से क्रॉस-कंटैमिनेट तो नहीं हुआ है, खासकर यदि किसी व्यक्ति को सीलिएक डिजीज है।
वजन मैनेजमेंट में कैसे मदद कर सकता है?
ज्वार में मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है और कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ ग्लूटेन-फ्री होने की वजह से ज्वार वजन कम करता है। वजन घटाने के लिए कुल कैलोरी, खानपान की गुणवत्ता और शारीरिक गतिविधि ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं मौजूद
ज्वार में कई बायोएक्टिव कंपाउंड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में भूमिका निभा सकते हैं।
ज्वार की विभिन्न किस्मों में इन यौगिकों की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। इसलिए इसे विविध और संतुलित डाइट का हिस्सा बनाना बेहतर विकल्प है।
ज्वार के आटे का सेवन कैसे करें?
ज्वार के आटे को कई तरीकों से डाइट में शामिल किया जा सकता है। सबसे आम तरीका है इसकी रोटी या भाकरी बनाकर खाना।
आप इसे दूसरे अनाजों के आटे के साथ मिलाकर मल्टीग्रेन रोटी के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ज्वार से डोसा, चीला या अन्य व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं।
ध्यान रखें कि किसी भी अनाज को बहुत अधिक मात्रा में खाने के बजाय अपनी उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार संतुलित मात्रा में लेना बेहतर है।
ज्वार खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
ज्वार पौष्टिक अनाज है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय संबंधी बीमारी वाले लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
साथ ही, ज्वार की रोटी के साथ सब्जियां, दाल, दही या अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने से भोजन को अधिक संतुलित बनाया जा सकता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में बताए गए सुझाव और जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी बीमारी के इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प न समझें। अपनी डाइट में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने, वजन घटाने का कार्यक्रम शुरू करने या किसी बीमारी से संबंधित उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।