अभी कुछ दिन पहले ही केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसआई) ने एक बेहद जरूरी फैसला लिया। इसके तहत अब सीबीएसई स्कूलों को प्री-प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक क्षेत्रीय व मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने का विकल्प देगी। अब तक, राज्य बोर्ड स्कूलों के विपरीत, सीबीएसई स्कूलों में केवल अंग्रेजी और हिंदी माध्यम ही शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प था। सीबीएसई ने अपने सभी संबंधित स्कूलों से कहा है कि जहां तक संभव हो सके यथाशीध्र […]Read More
योगी सरकार ने छह वर्ष में उत्तर प्रदेश में विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। इसमें शिक्षा भी शामिल है। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा पर इतना ध्यान पहले कभी नहीं दिया गया।ऑपरेशन कायाकल्प योगी आदित्यनाथ की अभिनव योजना रही है। परिषदीय विद्यालयों में इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के पहले चरण में किए गए प्रयासों में आशातीत सफलता मिली है। इस अवधि में परिषदीय विद्यालयों के इंफ्रॉस्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 11 […]Read More
वट वृक्ष के नीचे चल रही कक्षाएं, कभी भी हो
जिले के डग ग्राम पंचायत डोरी के ग्राम मंगवालिया में सरकारी अनदेखी के चलते पुराने वट वृक्ष के नीचे कक्षाएं संचालित हो रही है। ऐसे में जनहानि का अंदेशा बना रहता है। इस मामले में अब तक ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करा दिया है लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। अब तक उच्चधिकारियों को विद्यालय स्तर पर अवगत कराया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। डग […]Read More
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शामिल होंगे 25 हजार विद्यार्थी
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में इस वर्ष 2023 में धमतरी जिले से पांचों विकासखंड धमतरी, कुरुद, मगरलोड, नगरी एवं भखारा ब्लाक से 25000 विद्यार्थी शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। महाविद्यालय से 1000 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक ब्लाक को 5000 का लक्ष्य दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सन् 2022 में 14603 छात्र छात्राएं शामिल हुए थे। भारतीय संस्कृति […]Read More
यमुनानगर: डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल के बच्चों ने शतरंज में
डी.ए.वी पुलिस पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया गया। इस मौके पर स्कूल में शतरंज प्रतियोगिता भी कराई गई। स्कूल प्रधानाचार्य अनूप कुमार चोपड़ा ने बताया कि 1924 में अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ की स्थापना की गई थी। यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो दुनिया भर के विभिन्न राष्ट्रीय शतरंज संघों को जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के शासी निकाय के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि शतरंज के खेल […]Read More






