• September 15, 2026

राष्ट्रपति मुर्मू ने वीरता पुरस्कारों से किया सम्मानित, 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 के दौरान सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस सेवाओं के कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने 7 कीर्ति चक्र (दो मरणोपरांत), 15 वीर चक्र (तीन मरणोपरांत) और 29 शौर्य चक्र (एक मरणोपरांत) प्रदान किए।

इन वीरता पुरस्कारों से उन जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने गंभीर जोखिम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस, अदम्य वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। आतंकवाद विरोधी अभियान, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन, बचाव मिशन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई कठिन अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को इस सम्मान से नवाजा गया।

क्या होते हैं कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र?

कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो युद्धक्षेत्र से बाहर असाधारण साहस, बहादुरी और आत्मबलिदान के लिए दिया जाता है।

वीर चक्र युद्ध या दुश्मन की मौजूदगी में बहादुरी और वीरता दिखाने वाले सैनिकों को प्रदान किया जाता है।

वहीं शौर्य चक्र शांतिकालीन अभियानों और सुरक्षा ऑपरेशनों के दौरान असाधारण साहस और वीरता के प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

इन जवानों को मिला कीर्ति चक्र

इस वर्ष कीर्ति चक्र से सम्मानित होने वालों में सेना, वायुसेना और विशेष बलों के कई अधिकारी शामिल रहे। इनमें लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ए, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर और कैप्टन लालरिनावमा सैलो प्रमुख नामों में शामिल हैं।

मरणोपरांत सम्मान पाने वालों में सिपाही जंजल प्रवीण प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को कीर्ति चक्र प्रदान किया गया।

वीर चक्र और शौर्य चक्र से भी सम्मानित हुए जवान

राष्ट्रपति मुर्मू ने सेना, वायुसेना, नौसेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और गृह मंत्रालय से जुड़े कई अधिकारियों व जवानों को वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित किया।

वीर चक्र पाने वालों में कर्नल कोशांक लांबा, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा, स्क्वाड्रन लीडर सार्थक कुमार और अन्य सैन्य अधिकारी शामिल रहे।

वहीं, शौर्य चक्र पाने वालों में सेना के स्पेशल फोर्सेज, नौसेना, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवानों ने अपनी वीरता के लिए सम्मान हासिल किया।

मरणोपरांत सम्मान से याद किए गए वीर

समारोह में उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। मरणोपरांत सम्मान पाने वालों में सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक चिंगाखम, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस दफादार बलदेव चंद और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी शामिल रहे।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के साहस, सेवा और बलिदान को सलाम करने का एक भावुक और गौरवपूर्ण अवसर बना।

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