NEET पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा: अब पेपर खरीदने वाले अभिभावक भी CBI के रडार पर
NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब मास्टरमाइंड और बिचौलियों के बाद उन अभिभावकों तक भी पहुंच गई है, जिन पर अपने बच्चों के लिए कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्नपत्र खरीदने का आरोप है।
सीबीआई जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे खुद नामी शिक्षक रहे हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों के पास छात्रों का बड़ा डाटा उपलब्ध था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क चलाने में किया गया।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक का नेटवर्क महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों तक किस हद तक फैला हुआ था। इसी सिलसिले में नाशिक, लातूर, बीड, अहिल्यानगर और पुणे समेत कई शहरों के कोचिंग संस्थानों में पूछताछ की जा रही है।
नांदेड़ में परिवारों से घंटों पूछताछ
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में सीबीआई की आठ अलग-अलग टीमों ने विद्युत नगर इलाके में कुछ परिवारों से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। आरोप है कि इन परिवारों ने अपनी बेटियों के लिए NEET परीक्षा का पेपर खरीदने के बदले 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का भुगतान किया था।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अब उन अभिभावकों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर प्रश्नपत्र हासिल किए।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
NEET पेपर लीक मामले में अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में पीवी कुलकर्णी, मनीषा गुरुनाथ मंधारे, मनीषा वाघमारे, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, दिनेश बिवाल, मांगीलाल बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं।
इनमें सबसे ज्यादा पांच आरोपी महाराष्ट्र से हैं, जबकि तीन आरोपी राजस्थान और एक आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई फिलहाल मामले के वित्तीय लेनदेन, कोचिंग नेटवर्क और संभावित लाभार्थियों की गहन जांच कर रही है।