NEET पेपर लीक केस में ‘M Sir’ गिरफ्तार: कौन हैं शिवराज मोटेगांवकर, जिनका नाम पूरे महाराष्ट्र में मशहूर है?
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। अब इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर के प्रसिद्ध केमिस्ट्री शिक्षक और RCC Classes के संस्थापक Shivraj Motegaonkar उर्फ “M Sir” का नाम चर्चा में आ गया है। सीबीआई ने कई दिनों की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
किसान परिवार से लेकर कोचिंग इंडस्ट्री के बड़े नाम तक
शिवराज मोटेगांवकर लातूर के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत निजी ट्यूशन पढ़ाकर की थी। शुरुआती दिनों में वह साइकिल से शहरभर में जाकर छात्रों को पढ़ाते थे।
करीब 1999 में उन्होंने किराए के एक छोटे कमरे से केवल 10 छात्रों के साथ “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस” की शुरुआत की। बाद में यही संस्थान RCC (Renukai Career Center) के नाम से महाराष्ट्र के बड़े NEET-JEE कोचिंग ब्रांड्स में शामिल हो गया।
पूर्व छात्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में मोटेगांवकर खुद केमिस्ट्री पढ़ाते थे, हाथ से नोट्स तैयार करते थे और कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई पर जोर देते थे।
‘लातूर पैटर्न’ से मिली पहचान
RCC का नाम महाराष्ट्र के चर्चित “लातूर पैटर्न” से जुड़ा रहा, जो मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रसिद्ध है।
संस्थान के केमिस्ट्री नोट्स, टेस्ट सीरीज और पढ़ाने की शैली NEET, JEE और CET अभ्यर्थियों के बीच काफी लोकप्रिय रही।
स्थानीय कोचिंग इंडस्ट्री के अनुसार, RCC के लातूर, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर समेत कई शहरों में सेंटर हैं, जहां हर साल करीब 40 हजार छात्र दाखिला लेते हैं। बताया जाता है कि संस्थान का वार्षिक टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
डिजिटल लर्निंग तक बढ़ाया विस्तार
RCC ने समय के साथ क्लासरूम कोचिंग के अलावा डिजिटल लर्निंग, ऐप आधारित स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज और मेंटरशिप प्रोग्राम भी शुरू किए। संस्थान की वेबसाइट के अनुसार, मोटेगांवकर केमिस्ट्री में M.Sc गोल्ड मेडलिस्ट हैं और उन्हें “दूरदर्शी शिक्षाविद” बताया गया है।
CBI जांच में क्या सामने आया?
जांच एजेंसियां इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर P. V. Kulkarni के साथ मोटेगांवकर के संबंधों की भी जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुलकर्णी ने कुछ समय पहले RCC Classes में पढ़ाया था।
सीबीआई के अनुसार, शिवराज मोटेगांवकर की NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है। जांच में दावा किया गया है कि वह प्रश्नपत्र लीक और प्रसारित करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तरपत्रिका हासिल की गई।
मोबाइल में मिले लीक प्रश्न
14 मई 2026 को लातूर के शिवाजी नगर स्थित मोटेगांवकर के घर पर छापेमारी की गई थी। तलाशी के दौरान उनके मोबाइल फोन में कथित तौर पर NEET-UG 2026 के लीक हुए प्रश्न मिले। मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है।
सीबीआई का दावा है कि मोटेगांवकर ने लीक प्रश्नपत्र और उत्तरपत्रिकाएं विवेक पाटील समेत कई लोगों को उपलब्ध कराईं। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के बाद सबूत मिटाने के लिए प्रश्नपत्रिकाओं को नष्ट करने की कोशिश की गई।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
शिवराज मोटेगांवकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
सीबीआई का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार पाए गए हैं और मामले की जांच जारी है।