• May 18, 2026

नितिन गडकरी का बड़ा खुलासा: तिरुपति के बालों से बना रहे अमीनो एसिड, बोले- किसानों को डीजल मुक्त करना जरूरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने नागपुर में आयोजित “जल संवर्धन के सफल 25 साल” कार्यक्रम में अपने विभिन्न प्रयोगों और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं।

अपने संबोधन में गडकरी ने बताया कि वे लगातार नए-नए प्रयोग करते रहते हैं। कुछ प्रयोग असफल होते हैं तो कई सफल भी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयोगों के पीछे उनका उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि समाज और किसानों के लिए बेहतर मॉडल तैयार करना है।

तिरुपति के बालों से बना रहे अमीनो एसिड

गडकरी ने बताया कि वे तिरुपति से चार ट्रक बाल खरीदकर लाते हैं और उससे अमीनो एसिड तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद “प्लांट बूस्टर” के रूप में इस्तेमाल होता है और इसकी अच्छी बिक्री हो रही है।

उन्होंने बताया कि उनके विभिन्न प्रोजेक्ट्स का कुल टर्नओवर करीब ढाई हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा वे ऑर्गेनिक खाद का उत्पादन, चीनी मिलों का संचालन और इथेनॉल निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

“पैसा कमाना उद्देश्य नहीं”

गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपने सामाजिक कार्य और व्यवसाय को अलग-अलग रखा है। उन्होंने कहा कि उनके बेटों का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने उन्हें अपना व्यवसाय अलग संभालने की सलाह दी है।

खेती में नए प्रयोगों का दावा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनके खेत में तीन कुएं हैं और 60 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था है। उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग के जरिए कई सफल प्रयोग किए हैं।

गडकरी ने दावा किया कि उनके खेत में एक एकड़ में 88 टन गन्ने का उत्पादन हुआ। इसके अलावा उनके खेत की दाल 40 से 45 लाख रुपये में बिकने वाली है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके खेत में एक-एक किलो वजन वाले प्याज पैदा हुए, जिनका स्वाद बेहद अच्छा है।

“किसानों को डीजल मुक्त करना होगा”

गडकरी ने कहा कि यदि किसानों को बचत करनी है तो खेती को डीजल मुक्त बनाना जरूरी होगा। उन्होंने बताया कि उनके यहां इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर इस्तेमाल हो रहा है, जिसे घर पर लगे सोलर पैनल से चार्ज किया जाता है। इससे डीजल का खर्च पूरी तरह खत्म हो गया है।

उन्होंने कहा कि खेती में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और वे कृषि उपकरणों को इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, बायो-सीएनजी और इथेनॉल आधारित बनाने पर जोर दे रहे हैं।

गडकरी ने कहा कि ऐसे ट्रैक्टर और उपकरणों से किसानों की सालाना डेढ़ लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। उन्होंने वाहन निर्माताओं को सख्त संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में पर्यावरण मानकों के अनुरूप तकनीक अपनाना अनिवार्य होगा।

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