TMC में बगावत पर भड़के कल्याण बनर्जी-कीर्ति आजाद, बोले- ‘गैरत है तो इस्तीफा देकर BJP टिकट पर लड़ो चुनाव’
कोलकाता/नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी सियासी उठापटक अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कुछ सांसदों के भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पहुंचने और पाला बदलने की अटकलों के बीच TMC के वरिष्ठ नेताओं ने बागी गुट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों, खासकर काकोली घोष दस्तीदार और शर्मिला सरकार पर तीखा हमला बोला है।
नेताओं ने बागी सांसदों को “गद्दार” बताते हुए खुली चुनौती दी कि अगर उनमें जरा भी गैरत है, तो सांसद पद से इस्तीफा दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जनता का सामना करें।
काकोली घोष का फोन बंद, बढ़ीं अटकलें
इस पूरे घटनाक्रम के बीच काकोली घोष दस्तीदार का फोन सुबह से बंद बताया जा रहा है। वहीं उनके करीबी लोगों के पास भी लोकसभा स्पीकर से मुलाकात या किसी औपचारिक पत्र को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।
‘स्पीकर को कोई चिट्ठी नहीं मिली’
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि काकोली घोष दस्तीदार की ओर से लोकसभा स्पीकर को लिखी गई कथित चिट्ठी अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्पीकर कार्यालय की ओर से भी ऐसी किसी चिट्ठी के मिलने की पुष्टि नहीं की गई है।
कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि जैसे ही बागी सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे, उनकी राजनीतिक मंशा साफ हो गई। उन्होंने कहा कि अब उनके नेता ममता बनर्जी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर बागी सांसद दलबदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) के तहत अयोग्यता से बचना चाहते हैं, तो उन्हें भाजपा में शामिल होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जो नेता ममता बनर्जी की तारीफ करते नहीं थकते थे, अब वही विकास न होने का बहाना बना रहे हैं।
‘गद्दार हैं, TMC का नाम भी न लें’
कल्याण बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो खुलकर अपनी नई पार्टी या राजनीतिक पहचान बताएं। उन्होंने दावा किया कि TMC को सिर्फ वोटों के अंतर से हराया गया है और पार्टी खत्म नहीं हुई है।
उन्होंने काकोली घोष दस्तीदार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पार्टी ने कई बार मौका दिया, लेकिन अब वे पार्टी के खिलाफ खड़ी हो रही हैं।
कीर्ति आजाद का भी हमला
TMC के वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद ने भी बागी सांसदों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम भाजपा के इशारे पर हो रहा है। कीर्ति आजाद ने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने कई मौके दिए, वही अब पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता को शिकायत थी, तो उसे पहले पार्टी मंच पर उठाना चाहिए था। उन्होंने बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जाना है तो जाएं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नाम का इस्तेमाल न करें।
दिल्ली में मौजूद हैं ममता और अभिषेक
दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब TMC प्रमुख ममता बनर्जी और वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी INDIA गठबंधन की बैठक के सिलसिले में दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर मचे इस सियासी घमासान ने बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है।