• July 7, 2026

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ विवादों में, ओटीटी से हटाई गई फिल्म की गांव में हुई स्क्रीनिंग

नई दिल्ली: अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की लीड रोल वाली फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित यह फिल्म 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन रिलीज के कुछ ही दिनों बाद इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। जानकारी के अनुसार, फिल्म लंबे समय तक सेंसर बोर्ड के साथ कानूनी अड़चनों में फंसी रही थी और इसे सर्टिफिकेट मिलने में काफी देरी हुई। आखिरकार जब यह ZEE5 पर रिलीज हुई, तो कुछ ही दिनों में इसे ‘अगले आदेश तक’ हटाने का फैसला लिया गया। ZEE5 ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फिल्म को अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। इस बीच, फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। दिलजीत दोसांझ ने खुद एक वीडियो शेयर किया, जिसमें राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के गांव 6 एच पतरोड़ा में एक गुरुद्वारे के अंदर फिल्म की स्क्रीनिंग दिखाई गई। वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रोजेक्टर पर फिल्म देखते नजर आए। वीडियो शेयर करते हुए दिलजीत ने लिखा, “हुण नी रुकणी फिल्म” और “खालरा साहब दी आवाज़ नू कोई नहीं दबा सकता”, जिससे यह साफ संकेत मिला कि फिल्म के संदेश को दबाया नहीं जा सकता। गांव में हुई इस विशेष स्क्रीनिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। दर्शकों ने कहा कि यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और 1990 के दशक में कथित लापता लोगों के मामलों पर उनके संघर्ष को उजागर करती है। ग्रामीणों ने फिल्म देखने के बाद इसकी सराहना की और इसके संदेश को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, कुछ लोगों ने फिल्म पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की भी मांग की। यह फिल्म अब भी चर्चा में बनी हुई है और इसके हटाए जाने तथा वैकल्पिक स्क्रीनिंग को लेकर बहस जारी है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *