• July 7, 2026

किशनगंज में नेपाली मूल की महिलाओं को मिलेगी भारतीय नागरिकता, जुलाई में लगेंगे विशेष शिविर

किशनगंज। वर्षों से भारतीय नागरिकता के लिए इंतजार कर रहीं नेपाल मूल की महिलाओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में नेपाल से विवाह कर भारत आई महिलाओं को नागरिकता आवेदन प्रक्रिया में सहायता देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी सात प्रखंडों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

दस्तावेजों की कमी के कारण अटके थे आवेदन

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज, दिघलबैंक और टेढ़ागाछ जैसे नेपाल सीमा से जुड़े प्रखंडों में नेपाल से शादी कर भारत आई महिलाओं की संख्या काफी अधिक है। इनमें कई महिलाएं वर्षों से अपने परिवार के साथ भारत में रह रही हैं, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों की कमी या अन्य प्रक्रियात्मक कारणों से वे अब तक भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन नहीं कर पाई थीं।

कुछ महिलाओं के नाम मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सामने आए, जबकि कई महिलाएं जरूरी कागजात पूरे नहीं होने के कारण नागरिकता प्रक्रिया से जुड़ नहीं सकीं।

जुलाई में लगाए जाएंगे विशेष शिविर

इन महिलाओं की मदद के लिए किशनगंज जिले में 8, 15 और 22 जुलाई को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में महिलाओं को नागरिकता अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन करने, दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया में भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नागरिकता अधिनियम के तहत कर सकती हैं आवेदन

अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से विवाह कर भारत आई विदेशी महिलाएं नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(सी) के तहत विदेशी महिला पंजीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकती हैं।

विधायक ने सभी धर्मों के लोगों को नागरिकता देने की मांग की

किशनगंज सदर विधायक कमरूल हुदा ने नागरिकता देने की प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी मांग हमेशा से रही है कि सभी धर्मों के लोगों को नागरिकता का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में रहने वाले ऐसे मुसलमान भी हैं जो उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं और यदि वे भारत आते हैं तो उन्हें भी नागरिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने नागरिकता कानून में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि किसी विशेष धर्म या समुदाय के आधार पर नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए।

कानून के आधार पर दी जा रही नागरिकता- मंत्री दिलीप जायसवाल

वहीं, बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि नागरिकता देने की प्रक्रिया संसद द्वारा बनाए गए कानून के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग कानून के तहत पात्र होंगे, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नागरिकता प्रदान की जाएगी।

किशनगंज में शुरू होने जा रहा यह अभियान सीमावर्ती क्षेत्रों में वर्षों से रह रही नेपाली मूल की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो अब कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भारतीय नागरिकता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

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