मानसून में बीमारियों से बचना है तो रखें खानपान का ध्यान, आयुर्वेद के अनुसार इन चीजों को करें डाइट में शामिल
नई दिल्ली। मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं इस दौरान कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। बारिश के कारण आसपास गंदगी, जलभराव और नमी बढ़ने से मच्छर, मक्खियां और अन्य कीड़े-मकोड़े तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, मानसून में शरीर में वात और पित्त दोष का असंतुलन हो सकता है। उमस और नमी के कारण पाचन शक्ति कमजोर पड़ने लगती है, जिसका सीधा असर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है।
मानसून में बढ़ जाता है इन बीमारियों का खतरा
बारिश के मौसम में संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इस दौरान मलेरिया, फाइलेरिया, सर्दी-जुकाम, दस्त, पेचिश, हैजा, कोलाइटिस, गठिया, जोड़ों का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर, फोड़े-फुंसी, दाद और खुजली जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार मानसून में वातावरण में नमी और ठंडक बढ़ने से शरीर में वात और पित्त का संतुलन प्रभावित होता है। ऐसे में खानपान में बदलाव करके शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
मानसून में कैसा भोजन करना चाहिए?
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में ऐसा भोजन करना चाहिए जो हल्का, ताजा, गर्म और आसानी से पचने वाला हो। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है और शरीर की ऊर्जा बनी रहती है।
मानसून में इन चीजों को डाइट में शामिल किया जा सकता है—
- पुराने अनाज जैसे गेहूं, जौ, शाली और साठी चावल।
- मक्का और हल्के अनाज।
- मूंग दाल और अरहर दाल।
- खिचड़ी, जो आसानी से पच जाती है।
- दही और लस्सी का सीमित मात्रा में सेवन।
- खीरा और अन्य संतुलित आहार।
मानसून में खाएं ये फल और सब्जियां
बारिश के मौसम में ताजी और साफ-सुथरी सब्जियों व फलों का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
सब्जियों में शामिल करें:
- लौकी
- भिंडी
- तोरई
- टमाटर
- पुदीने की चटनी
- सब्जियों का सूप
फलों में खाएं:
- सेब
- केला
- अनार
- नाशपाती
- पके हुए जामुन
- पके हुए देसी आम
आयुर्वेद के अनुसार, आम और दूध का सही मात्रा में सेवन शरीर को ऊर्जा देने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है।
मानसून में पानी पीते समय बरतें सावधानी
बारिश के मौसम में पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। दूषित पानी पीने से हैजा, फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए मानसून में—
- साफ और सुरक्षित पानी ही पिएं।
- पानी को उबालकर इस्तेमाल करें।
- जरूरत पड़ने पर अच्छे वॉटर फिल्टर का उपयोग करें।
- खुले में रखे पानी के सेवन से बचें।
इम्यूनिटी मजबूत रखना जरूरी
आयुर्वेद के अनुसार बारिश के पूरे मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए संतुलित आहार, साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
हल्का और पौष्टिक भोजन, पर्याप्त पानी और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाकर मानसून में खुद को और परिवार को कई मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।