नक्सलवाद से विकासवाद की ओर बढ़ता बस्तर: ‘बस्तर पंडुम’ के
रायपुर/नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग, जो कभी दशकों तक माओवादी हिंसा, आईईडी धमाकों और पिछड़ेपन की खबरों के लिए सुर्खियों में रहता था, अब अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के कारण दुनिया भर में नई पहचान बना रहा है। बस्तर में आए इस बड़े बदलाव की गूंज अब देश की राजधानी तक सुनाई दे रही है। हाल ही में 7 से 9 फरवरी के बीच आयोजित हुए ‘बस्तर पंडुम’ कार्यक्रम ने इस परिवर्तन […]Read More






