दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा प्रदर्शन: संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पहुंचे, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली, 6 जून 2026।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून शनिवार (आज) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत पहुंचे और अपने समर्थकों के साथ आंदोलन में भाग लिया। दिल्ली पुलिस ने पार्टी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी है।
अभिजीत दीपके शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे संसद मार्ग थाना और फिर जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। एयरपोर्ट के बाहर उनके समर्थकों ने नारेबाजी कर उनका स्वागत किया।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने नई दिल्ली क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन तैनात किए गए हैं, जबकि एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र को 12 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीसीपी या अतिरिक्त डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। वहीं, केंद्रीय मंत्रियों और संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर जारी संदेश में अभिजीत दीपके ने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से एक किताब और पार्टी का तिरंगा साथ लाने का आग्रह करते हुए आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सम्मान स्वरूप फूल देने की भी अपील की।
इस बीच, पार्टी के कुछ समर्थकों ने दावा किया कि एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया के बाद कुछ अधिकारियों ने अभिजीत दीपके को घेर लिया था, जिससे उनके समर्थकों में चिंता बढ़ गई। हालांकि बाद में दीपके एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए और उन्होंने अपने समर्थकों से मुलाकात की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग वाली एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। याचिका में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।
वहीं, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंच चुके हैं और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।