19 साल बाद फिर छाया ‘ऊंचा लंबा कद’, आनंद राज आनंद ने बताया कैसे बना था सुपरहिट गाना
मुंबई
बॉलीवुड के कुछ गाने ऐसे होते हैं जो समय के साथ अपनी चमक नहीं खोते। साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेलकम’ का सुपरहिट गीत ‘ऊंचा लंबा कद’ उन्हीं गानों में से एक है। करीब 19 साल बाद यह गाना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार इसे फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए नए अंदाज में पेश किया गया है, जिसमें अक्षय कुमार और दिशा पाटनी नजर आ रहे हैं।
गाने के दोबारा चर्चा में आने के बीच इसके संगीतकार, गीतकार और गायक आनंद राज आनंद ने इससे जुड़ी दिलचस्प कहानी साझा की है।
फिल्म के लिए नहीं, एल्बम के लिए बना था गाना
आनंद राज आनंद ने खुलासा किया कि ‘ऊंचा लंबा कद’ की शुरुआत किसी फिल्मी प्रोजेक्ट के रूप में नहीं हुई थी। उन्होंने यह गीत अपने निजी म्यूजिक एल्बम के लिए तैयार किया था और इसे अपनी आवाज में रिकॉर्ड भी कर लिया था।
बाद में जब निर्देशक अनीस बज्मी अपनी फिल्म ‘वेलकम’ के लिए एक खास डांस नंबर की तलाश कर रहे थे, तब आनंद राज आनंद ने उन्हें यह गाना सुनाया। गाना सुनते ही अनीस बज्मी को यह इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे फिल्म में शामिल करने का फैसला कर लिया।
अनीस बज्मी ने निभाया अपना वादा
आनंद राज आनंद के अनुसार, अनीस बज्मी ने उस समय उनसे वादा किया था कि फिल्म में गाना उनकी ही आवाज में रखा जाएगा। आखिरकार ऐसा ही हुआ और गाना अक्षय कुमार तथा कैटरीना कैफ पर फिल्माया गया।
फिल्म रिलीज होने के बाद ‘ऊंचा लंबा कद’ ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की और देखते ही देखते यह देश के सबसे पसंदीदा डांस ट्रैक्स में शामिल हो गया।
शादी-पार्टियों से लेकर क्लब तक छाया रहा गाना
गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह वर्षों तक शादी समारोहों, क्लबों, स्टेज शो और पार्टियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना रहा।
आनंद राज आनंद का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी इस गीत को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है। उनके मुताबिक, यूट्यूब समेत विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर गाने के अलग-अलग वर्जन्स को 2.5 बिलियन से अधिक बार देखा और सुना जा चुका है।
‘वेलकम टू द जंगल’ में नया अंदाज
अब ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए इस गाने को नए संगीत और आधुनिक बीट्स के साथ रीक्रिएट किया गया है। फिल्म में यह गीत अक्षय कुमार और दिशा पाटनी पर फिल्माया गया है।
आनंद राज आनंद ने कहा कि फिल्म के निर्माताओं और म्यूजिक टीम ने गाने को बड़े स्तर पर पेश किया है। उन्होंने खास तौर पर इस बात की सराहना की कि रीक्रिएटेड वर्जन में मूल गीत की आत्मा और भावनाओं को बरकरार रखा गया है।
‘अच्छी धुनें कभी पुरानी नहीं होतीं’
आनंद राज आनंद का मानना है कि किसी कलाकार के लिए इससे बड़ी खुशी नहीं हो सकती कि उसका बनाया हुआ गीत दो दशक बाद भी लोगों के बीच उतना ही लोकप्रिय बना रहे।
उन्होंने कहा कि नए वर्जन को मिल रहा प्यार इस बात का प्रमाण है कि अच्छी धुनें और यादगार गाने कभी पुराने नहीं होते। हर नई पीढ़ी उन्हें अपने अंदाज में अपनाती है और यही किसी गीत की सबसे बड़ी सफलता होती है।