• June 5, 2026

RSS Path Sanchalan: लखनऊ में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, घोष की धुन पर कदमताल करते दिखे 289 स्वयंसेवक; नागरिकों ने की पुष्पवर्षा

 RSS Path Sanchalan: लखनऊ में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, घोष की धुन पर कदमताल करते दिखे 289 स्वयंसेवक; नागरिकों ने की पुष्पवर्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कें गुरुवार की शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों के कदमताल से गुंजायमान हो उठीं। संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत शिक्षार्थियों द्वारा एक भव्य और अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। पूर्ण गणवेश (यूनिफॉर्म) धारण किए, हाथों में दंड लिए और संघ के घोष (बैंड) की राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत मधुर धुन पर कदम से कदम मिलाकर चलते स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन शक्ति और सामूहिकता का एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। इस दौरान पूरे मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने छतों और सड़कों पर खड़े होकर स्वयंसेवकों पर भारी पुष्पवर्षा की और भारत माता की जय के नारों से माहौल को राष्ट्रमय बना दिया।

सरस्वती कुंज में चल रहा है 4 प्रांतों का प्रशिक्षण वर्ग

यह भव्य पथ संचलन निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विशेष प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा था। बीते 22 मई से शुरू हुआ यह ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ आगामी दिनों तक संचालित होगा। इस वर्ग की विशेषता यह है कि इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के चार प्रमुख प्रांतों के चुनिंदा कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं।

संघ के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रशिक्षण शिविर में:

  • काशी प्रांत

  • कानपुर प्रांत

  • गोरक्ष प्रांत

  • अवध प्रांत

इन चारों प्रांतों से कुल 289 स्वयंसेवक कड़ा शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व का विकास करना और उनमें राष्ट्र प्रथम की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है।

विक्रम संवत् 2083: तय समय पर शुरू हुआ संचलन

अधिक ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष चतुर्थी, विक्रम संवत् 2083 के पावन अवसर पर गुरुवार सायं ठीक 6:00 बजे सरस्वती कुंज, निराला नगर से इस पथ संचलन का शंखनाद हुआ। जैसे ही घोष की पहली धुन बजी, स्वयंसेवकों की कतारें अत्यंत अनुशासित रूप में आगे बढ़ने लगीं।

इन प्रमुख मार्गों से गुजरा स्वयंसेवकों का कारवां:

प्रशिक्षण स्थल सरस्वती कुंज से निकलकर संचलन सबसे पहले आठ नम्बर चौराहा पहुंचा। वहां से विवेकानंदपुरी और महानगर होते हुए स्वयंसेवक आईटी मेट्रो स्टेशन (अयोध्या मार्ग) पहुंचे। इसके बाद आईटी चौराहा और श्री रामकृष्ण मठ के सामने से अनुशासित ढंग से गुजरते हुए यह संचलन पुनः अपने उद्गम स्थल सरस्वती कुंज पर आकर संपन्न हुआ। पूरे रास्ते में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए संघ के स्वयंसेवक और स्थानीय पुलिस मुस्तैद दिखी।

संघ के शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद, किया अवलोकन

महानगर-10, अयोध्या मार्ग स्थल पर एक विशेष मंच बनाया गया था, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई वरिष्ठ अधिकारियों और पदाधिकारियों ने उपस्थित रहकर इस भव्य पथ संचलन का अवलोकन किया। स्वयंसेवकों के अनुशासन को देखकर वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:

नाम संगठन में दायित्व
श्रीमान स्वान्तरंजन जी अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, RSS
सरदार स्वर्ण सिंह जी सर्वाधिकारी, प्रशिक्षण वर्ग
डॉ. देवेन्द्र अस्थाना वर्ग कार्यवाह
श्री मिथिलेश नारायण जी वर्ग पालक
श्री अनिल जी क्षेत्र प्रचारक
श्री अखिलेश जी क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख
श्री सुभाष चंद्र जी क्षेत्र प्रचार प्रमुख

नागरिकों ने पलक-पावड़े बिछाकर किया स्वागत

जैसे ही स्वयंसेवकों का संचलन अलग-अलग मोहल्लों और चौराहों से गुजरा, वहां का माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा हो गया। स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने अपने घरों की छतों से स्वयंसेवकों पर फूलों की बारिश की। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा स्वागत द्वार बनाए गए थे। नागरिकों का कहना था कि संघ का यह अनुशासन और देशभक्ति का जज्बा समाज को एक नई दिशा और प्रेरणा देता है।

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