मुंबई में मोहन भागवत का संबोधन: सेवा उपकार नहीं, कर्तव्य;
मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित ‘कर्मयोगी एकल शिक्षक मेळावा 2026’ और ‘कर्मयोगी पुरस्कार वितरण’ समारोह में Mohan Bhagwat ने सेवा और समाज के प्रति कर्तव्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेवा कोई उपकार नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का दायित्व है और इससे स्वयं का भी विकास होता है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “यह कर्मवीरों का कार्यक्रम है, जो संवेदना से उपजा है। यह दया नहीं, बल्कि अपनेपन की भावना है। मनुष्य […]Read More






