यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: नई तबादला नीति लागू, कई अहम योजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों की नई वार्षिक तबादला नीति को मंजूरी दे दी गई है। बैठक के बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि यह नीति मंगलवार से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।
नई नीति के तहत अब विभागाध्यक्ष और संबंधित मंत्री मिलकर कर्मचारियों के स्थानांतरण का निर्णय ले सकेंगे। साथ ही, किसी भी विभाग में स्वीकृत कुल पदों के अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और संतुलित बनाना है, जिससे विभागों में कार्यप्रणाली बेहतर हो सके।
कैबिनेट बैठक में तबादला नीति के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।
राज्य में ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ योजना लागू करने को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक व्यंजनों की पहचान को बढ़ावा देने के लिए ब्रांडिंग और लोगो तैयार किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
किसानों को राहत देते हुए हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे आने वाली जमीन के मुआवजे में 21 से 33 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, बिजली के खंभों के नीचे और उसके एक मीटर के दायरे में आने वाली जमीन पर अब दोगुना मुआवजा दिया जाएगा, जबकि तारों के नीचे आने वाली जमीन के लिए 30 प्रतिशत मुआवजा तय किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत राज्य में 35 करोड़ पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य भी तय किया गया है, जिनमें से 30 प्रतिशत फलदार पौधे होंगे।
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, किसानों को राहत मिलेगी और राज्य में पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।