शामली रोड जाम मामले में सपा सांसद इकरा हसन पर FIR, 7 नामजद और 20-25 अज्ञात आरोपी
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गांव जसाला में कश्यप समाज के युवक मोनू की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद Iqra Hasan के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि सांसद और उनके समर्थकों ने डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम कर यातायात व्यवस्था बाधित की थी।
पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, इस मामले में कुल सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों को भी केस में शामिल किया गया है। नामजद आरोपियों में सांसद इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने यह मुकदमा सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा की तहरीर के आधार पर दर्ज किया है।
एफआईआर के मुताबिक, 19 मई को दोपहर करीब 2:15 बजे सिविल लाइन चौकी प्रभारी को सूचना मिली थी कि डीआईजी कार्यालय के बाहर कुछ लोग सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर इकरा हसन अपने समर्थकों और अन्य लोगों के साथ डीआईजी कार्यालय के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रही थीं। पुलिस का दावा है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
एफआईआर में कहा गया है कि ट्रैफिक पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों की ओर से विरोध और हंगामा किया गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और सरकारी कार्य में रुकावट पैदा हुई।
इस मामले में सांसद इकरा हसन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 221, 132 और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।