कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल में धांधली का आरोप, 15 से 50 हजार रुपये मांगने का दावा; डॉक्टर समेत 2 हिरासत में
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण के दौरान कथित धांधली को लेकर गुरुवार रात अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि मेडिकल में फिट घोषित करने के नाम पर 15 हजार से 50 हजार रुपये तक मांगे जा रहे थे। उनका दावा है कि पैसे नहीं देने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग शारीरिक कमियां बताकर अनफिट किया जा रहा था। मामला बढ़ने पर अभ्यर्थियों ने डॉक्टर की कार में बैठे एक युवक को बाहर खींचकर पीट दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मेडिकल में 70 अभ्यर्थियों को अनफिट करने का आरोप
गुरुवार को कानपुर की रिजर्व पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण किया जा रहा था। इस दौरान करीब 200 अभ्यर्थी जांच कराने पहुंचे थे। कुछ अभ्यर्थियों ने मेडिकल प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नाक की हड्डी टेढ़ी होने और आंखों की रोशनी कमजोर होने जैसी वजहें बताकर उन्हें अनफिट घोषित किया जा रहा था।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि करीब 70 लोगों को मेडिकल परीक्षण में अनफिट कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि फिट घोषित करने के बदले 15 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग की जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों और मेडिकल परिणामों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पर्ची पर मोबाइल नंबर देने का आरोप
अभ्यर्थियों ने कथित वसूली के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर दिया जाता था और संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने के लिए कहा जाता था।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, पुलिस लाइन परिसर में खड़ी एक कार में डॉक्टर प्रवीण का परिचित मौजूद था। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल में फिट होने के लिए रुपये के लेनदेन में उसकी भूमिका थी। हालांकि, कथित लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रात आठ बजे हंगामा, कार से खींचकर युवक की पिटाई
मेडिकल प्रक्रिया को लेकर नाराजगी बढ़ने के बाद गुरुवार रात करीब आठ बजे अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान डॉक्टर की कार में बैठे एक युवक को बाहर खींचकर पीट दिया गया। इसके बाद पुलिस लाइन परिसर में नारेबाजी होने लगी।
हंगामे की सूचना पर एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय, एसीपी कर्नलगंज अंजना दहिया समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को शांत कराया और मामले की जानकारी जुटाई। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित वसूली की जांच कराने की मांग की।
25 अभ्यर्थियों ने रुपये देने का किया दावा
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का दावा है कि करीब 25 लोगों ने मेडिकल में फिट होने के लिए रुपये दिए थे। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि उनसे रकम मांगी गई, लेकिन उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया।
इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस कथित लेनदेन, मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों को अनफिट घोषित करने के आधार की जांच कर रही है।
डॉक्टर प्रवीण समेत दो लोग हिरासत में
मामले में पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मेडिकल परीक्षण में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं और कथित वसूली के आरोपों में किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
फिलहाल, अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
