गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह के करीबी परिवार की सपा में एंट्री, अखिलेश यादव ने पांचों भाइयों का किया स्वागत
गोंडा: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज होने लगी है। गोंडा में जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ला ने अपने चार भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता लेने वाले इस परिवार को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में इस राजनीतिक बदलाव को गोंडा की सियासत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस परिवार के पांच भाइयों के नाम भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें श्री भगवान शुक्ला, कृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और शंकर भगवान शुक्ला शामिल हैं। परिवार के सपा में शामिल होने के बाद जिले में इसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हुआ परिवार
समाजवादी पार्टी के लखनऊ स्थित मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भवानी भीख शुक्ला और उनके परिवार के सदस्यों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर अखिलेश यादव ने पांचों भाइयों के नाम लेकर उनका स्वागत किया।
गोंडा की राजनीति में इस परिवार की पहचान और बृजभूषण शरण सिंह से उसकी कथित नजदीकी को देखते हुए इस घटनाक्रम पर सबकी नजरें हैं। हालांकि, परिवार के सपा में आने से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
बीजेपी से नाराजगी बताकर पार्टी छोड़ने की वजह बताई
परिवार के सदस्यों ने बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल होने के पीछे उपेक्षा और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने को वजह बताया। उनके मुताबिक, वे लंबे समय तक बीजेपी से जुड़े रहे और बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें पार्टी में अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा था।
परिवार ने आरोप लगाया कि करीब एक साल पहले उनके साथ मारपीट और हमला हुआ था। उनका दावा है कि इस घटना में परिवार के सदस्य घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, संबंधित बीजेपी विधायक के खिलाफ न तो ठोस कार्रवाई हुई और न ही मुकदमा दर्ज किया गया।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपेक्षा और कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने समाजवादी पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने और तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बृजभूषण शरण सिंह के बारे में क्या बोले शुक्ला परिवार?
समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बावजूद परिवार ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रति अपने व्यक्तिगत सम्मान की बात कही। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्होंने पार्टी बदलने के फैसले को लेकर बृजभूषण सिंह से कोई बातचीत या सलाह नहीं ली थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका फैसला स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और कथित उपेक्षा से जुड़ा है। इस तरह परिवार ने अपने राजनीतिक निर्णय और बृजभूषण सिंह के साथ व्यक्तिगत संबंधों को अलग-अलग बताया।
गोंडा की राजनीति पर क्या पड़ सकता है असर?
गोंडा जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेताओं और परिवारों का दल बदलना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनता है। बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाने वाले इस परिवार का सपा में शामिल होना भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, किसी परिवार के पार्टी में शामिल होने मात्र से चुनावी समीकरण बदलने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। इसका वास्तविक असर परिवार के स्थानीय जनाधार, संगठनात्मक सक्रियता और आगामी चुनावों में मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने गोंडा की राजनीति में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
