गोरखपुर के BJP पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी होंगे सपा में शामिल! रवि किशन से हुआ था विवाद, अखिलेश यादव से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल और राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है। गोरखपुर में जलभराव की शिकायत को लेकर सांसद रवि किशन से विवाद के बाद चर्चा में आए भाजपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी अब समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। मुलाकात की तस्वीर फेसबुक पर साझा करते हुए विश्वजीत ने जल्द ही सपा की सदस्यता लेने की बात कही है।
जलभराव की शिकायत पर रवि किशन से हुआ था विवाद
दरअसल, नगर निगम पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कुछ दिन पहले सांसद रवि किशन को फोन कर इलाके में जलभराव की समस्या की शिकायत की थी। आरोप है कि इस दौरान रवि किशन ने उनसे पूछा था कि क्या वह सपाई हो गए हैं। इस टिप्पणी पर पार्षद नाराज हो गए और उन्होंने भी सांसद से पलटकर सवाल किया कि क्या वह बसपाई हो गए हैं।
इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। इसी बीच लखनऊ में एक पत्रकारवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने विश्वजीत त्रिपाठी को समाजवादी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। अब अखिलेश से मुलाकात के बाद उनके सपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
भाजपा के पूर्व विधायक समेत कई नेताओं ने थामा सपा का दामन
गुरुवार को अखिलेश यादव की मौजूदगी में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें मुरादाबाद के भाजपा के पूर्व विधायक राजीव चन्ना, मनमोहन सिंह सैनी, गोंडा के कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ला, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीपी मौर्य के पुत्र अक्षय मौर्य और अन्य नेता शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा कुंडा के भाजपा नेता योगेंद्र नाथ मिश्रा, बाबागंज से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी केशव पासी, मेरठ के बसपा के पूर्व विधायक विनय कुरानी, खुर्जा के बसपा के पूर्व विधायक चंद्रपाल सिंह और सेवता विधानसभा क्षेत्र से बसपा के पूर्व प्रत्याशी आशीष प्रताप सिंह ने भी सपा की सदस्यता ली।
कार्यक्रम में बुलंदशहर और मेरठ समेत विभिन्न क्षेत्रों के बसपा नेताओं, जिला पंचायत सदस्यों और अन्य पदाधिकारियों के भी सपा में शामिल होने की जानकारी सामने आई। इनमें नरेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मण सैनी, अंकित गौतम, योगेंद्र जाटव और सुरेंद्र कुमार सैनी के नाम शामिल हैं। सेवानिवृत्त पीपीएस अधिकारी महेंद्र कुमार, उनकी पत्नी कमलेश निरंजन और पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा भी सपा में शामिल हुए।
भवानी भीख शुक्ला अपने परिवार और समर्थकों के साथ सपा में शामिल
गोंडा के कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ला ने भी अपने परिवार और समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। उनके साथ भगवान शुक्ल, श्रीकृष्ण भगवान शुक्ल, शिव भगवान शुक्ल, विष्णु भगवान शुक्ल और शंकर भगवान शुक्ल समेत परिवार के सदस्य कार्यक्रम में मौजूद रहे।
भवानी भीख शुक्ला के परिवार को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में परिवार का सपा में शामिल होना गोंडा की राजनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बना हुआ है।
अखिलेश यादव ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर लगाए आरोप
सपा में नए नेताओं के शामिल होने के बीच अखिलेश यादव ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए 10 तरह के हथकंडे अपनाती है।
अखिलेश यादव के मुताबिक, भाजपा पर फर्जी वोट जुड़वाने, विपक्षी दलों के वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाने, मतदान से पहले पैसे और खान-पान बांटने तथा मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसे आरोप हैं। उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल, मतगणना और चुनाव परिणामों को लेकर भी सवाल उठाए।
सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों में फूट डालकर और दूसरे दलों के नेताओं को अपने पाले में लाकर सरकार बनाने की कोशिश करती है। ये आरोप अखिलेश यादव ने राजनीतिक बयान के तौर पर लगाए हैं।
यूपी की राजनीति में दल-बदल से बढ़ी हलचल
एक ओर गोरखपुर के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के सपा में शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा और बसपा से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इन घटनाक्रमों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में दल-बदल को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
हालांकि, विश्वजीत त्रिपाठी ने जल्द सपा में शामिल होने की बात कही है, इसलिए उनकी औपचारिक सदस्यता की पुष्टि अलग से होना बाकी है। आगामी चुनावों में इन राजनीतिक बदलावों का कितना असर पड़ेगा, यह स्थानीय समीकरणों और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा।
