2008 रेलवे परीक्षा मारपीट केस में राज ठाकरे बरी, ठाणे कोर्ट ने सबूतों के अभाव में दी राहत
महाराष्ट्र की ठाणे अदालत ने वर्ष 2008 में कल्याण रेलवे स्टेशन पर रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षा के दौरान हुई कथित मारपीट के मामले में Raj Thackeray समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के आधार पर सभी आरोपियों को राहत प्रदान की।
यह फैसला ठाणे जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ए.वी. कुलकर्णी ने गुरुवार को सुनाया। इस मामले में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।
यह मामला साल 2008 का है, जब रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों, विशेष रूप से बिहार और उत्तर भारत से परीक्षार्थी महाराष्ट्र पहुंचे थे। परीक्षा के दौरान कल्याण रेलवे स्टेशन पर कुछ उम्मीदवारों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आई थीं।
उस समय Maharashtra Navnirman Sena (मनसे) स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि रेलवे भर्ती प्रक्रिया में बाहरी राज्यों के युवाओं को अधिक अवसर दिए जा रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र के स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
इस मामले की सुनवाई पहले कल्याण अदालत में चल रही थी, जिसे बाद में ठाणे कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया। इससे पहले 6 मई को हुई सुनवाई में राज ठाकरे स्वयं अदालत में पेश हुए थे।
सुनवाई के दौरान उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को झूठा बताया था। अब अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है।
इस फैसले को मनसे और राज ठाकरे के लिए कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बना हुआ था।