• May 22, 2026

तमिलनाडु में CM विजय का मंत्रिमंडल विस्तार: VCK-IUML सरकार में शामिल, AIADMK बागियों को नहीं मिली जगह

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री Vijay ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए सरकार को समर्थन देने वाले दो छोटे सहयोगी दलों को कैबिनेट में शामिल कर लिया। टीवीके (TVK) सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने अब औपचारिक रूप से सरकार में भागीदारी कर ली है।

हालांकि, दोनों दल पहले ही विजय सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर चुके थे, लेकिन मंत्री पद के लिए अपने प्रतिनिधियों के नाम तय करने में देरी के कारण वे शुरुआती मंत्रिमंडल विस्तार का हिस्सा नहीं बन पाए थे।

विधायक का नाम तय करने में हुई देरी

सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री विजय ने वीसीके और आईयूएमएल से सरकार में शामिल होने का आग्रह किया था। लेकिन दोनों दल मंत्री पद के लिए उपयुक्त विधायक का नाम तय नहीं कर सके। इसी वजह से गुरुवार को केवल कांग्रेस के दो और TVK के 21 विधायकों सहित कुल 23 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि VCK और IUML के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो पाए।

AIADMK के बागी विधायकों को नहीं मिली जगह

राज्य की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि TVK सरकार को विश्वास मत के दौरान समर्थन देने वाले AIADMK के 25 बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। बताया जा रहा है कि सहयोगी दलों और वामपंथी पार्टियों के दबाव के चलते मुख्यमंत्री विजय ने इन विधायकों को कैबिनेट से दूर रखने का फैसला किया।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि वरिष्ठ नेताओं सीवी षणमुगम, एसपी वेलूमणी और विजय भास्कर की अगुवाई में AIADMK के 47 में से 25 विधायक अलग होकर TVK सरकार के समर्थन में आए थे, ताकि उन्हें सरकार में प्रतिनिधित्व मिल सके। लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हुआ।

बागी विधायकों पर अयोग्यता का खतरा

सूत्रों का कहना है कि कानूनी सलाह और सहयोगी दलों की नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने फिलहाल बागी विधायकों से दूरी बनाए रखना ही बेहतर समझा। दरअसल, AIADMK ने विश्वास मत के दौरान पार्टी विधायकों को सरकार के खिलाफ वोट करने का व्हिप जारी किया था, लेकिन 25 विधायक पार्टी लाइन से हट गए। ऐसे में इन विधायकों पर अब अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) का खतरा मंडरा रहा है।

AIADMK को वापसी की उम्मीद

मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के बाद बागी विधायकों की स्थिति असमंजस में दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 25 में से 9 विधायकों ने बागी खेमे के नेता सीवी षणमुगम से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

उधर, Edappadi K. Palaniswami की अगुवाई वाली AIADMK को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अधिकांश विधायक पार्टी में वापसी कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि पहले पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मुखर रहने वाले बागी नेता अब पार्टी की हार की समीक्षा के लिए जनरल काउंसिल बैठक बुलाने की मांग कर रहे हैं, जिससे उनके रुख में नरमी के संकेत मिल रहे हैं।

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