खेल नगरी मेरठ के सियासी रण में कौन बनेगा खिलाड़ी
मेरठ क्रांति की जमीन है। 1857 की क्रांति का बिगुल इसी मेरठ में बजा था और फिर तेजी से देश में कोने-कोने तक पहुंचा था। गंगा और यमुना के बीच बसे मेरठ शहर की विरासत बहुत पुरानी है। मेरठ शहर की खेल नगरी के नाम से पहचान हैं। यहां के बने खेल के समान दुनिया भर में पसंद किये जाते हैं। मेरठ सीट का संसदीय इतिहास आजादी के बाद के पहले तीन चुनाव कांग्रेस के […]Read More






