गाजियाबाद को गेटवे ऑफ यूपी, यानि यूपी का दरवाजा भी कहा जाता है। इसका गठन मेरठ से अलग होकर 14 नवंबर 1976 को हुआ था। जिले का नाम ग़ाज़ी-उद्-दीन के नाम पर पड़ा माना जाता है। बाद में इसका नाम गाजियाबाद हो गया। नगर निगम की ओर से गाजियाबाद का नाम बदलकर गजनगर या हरनंदी नगर रखने का भी प्रस्ताव आया है। गाजियाबाद उद्योगों के शहर से मशहूर है। गाजियाबाद लोकसभा सीट राजधानी दिल्ली से […]Read More
घमंडिया गठबंधन वाले बिहार को लालटेन युग में रखना चाहते
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घमंडिया गठबंधन वाले बिहार को लालटेन युग में रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस के शासन मॉडल के कारण बिहार में जंगल राज और नक्सलवाद चरम पर रहा है, जिससे दशकों तक राज्य का विकास रुका रहा। लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के जमुई में एक चुनावी रैली को संबोधित […]Read More
गौतमबुद्धनगर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी डा. महेश शर्मा ने नामांकन
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा ने जिला मुख्यालय पर जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा के समक्ष अपना नामांकन-पत्र दाखिल किया। नामांकन के बाद डॉ महेश शर्मा ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय पहुंचे। जहां पर ऑडिटोरियम में कार्यकर्ताओं व समर्थकों को उन्होंने संबोधित किया। डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश […]Read More
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के नामांकन प्रक्रिया की अंतिम तिथि गुरुवार को समाप्त हो रही है। इन सीटों में सबसे ज्यादा दिलचस्प मुकाबला 2019 में मेरठ में हुआ था, जहां बसपा के हाजी याकूब भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल से मात्र 4,729 मतों से हार गये थे। गुरुवार को नामांकन समाप्त होने वाले इन आठ सीटों (अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा) की बात करें, उनमें पिछले चुनाव में सिर्फ अमरोहा पर […]Read More
खेल नगरी मेरठ के सियासी रण में कौन बनेगा खिलाड़ी
मेरठ क्रांति की जमीन है। 1857 की क्रांति का बिगुल इसी मेरठ में बजा था और फिर तेजी से देश में कोने-कोने तक पहुंचा था। गंगा और यमुना के बीच बसे मेरठ शहर की विरासत बहुत पुरानी है। मेरठ शहर की खेल नगरी के नाम से पहचान हैं। यहां के बने खेल के समान दुनिया भर में पसंद किये जाते हैं। मेरठ सीट का संसदीय इतिहास आजादी के बाद के पहले तीन चुनाव कांग्रेस के […]Read More






