यूपी में बिजली संकट पर सीएम योगी सख्त, ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति के निर्देश
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती की बढ़ती शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। सीएम योगी रविवार सुबह 10 बजे बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, जिसमें राज्य की मौजूदा बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
इसी बीच राज्य में बिजली व्यवस्था को लेकर यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने भी समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में भीषण गर्मी को देखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन क्षेत्रों में रात के समय लोड अचानक बढ़ जाता है, वहां विशेष जांच अभियान चलाया जाए ताकि बिजली व्यवस्था पर दबाव को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
बिजली आपूर्ति की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को देर रात तक फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, मध्यांचल प्रबंधन ने फील्ड कर्मचारियों को राहत देते हुए बायोमेट्रिक अटेंडेंस से छूट दे दी है, जिससे वे 24 घंटे में किसी भी समय अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।
राज्य के कई जिलों में बिजली कटौती की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है। सीतापुर के संदना पावर हाउस में बिजली संकट को लेकर किसानों ने प्रदर्शन भी किया। किसानों ने तय रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इसी बीच, सीतापुर की बिसवां विधानसभा से भाजपा विधायक निर्मल वर्मा ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को पत्र लिखकर बिजली संकट पर चिंता जताई है।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और तत्काल सुधार की मांग की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर बिजली उत्पादन और आपूर्ति प्रबंधन में विफलता का आरोप लगाया है।