खाड़ी देशों में बढ़े हवाई किराए से भारतीय कामगार परेशान, विवेक तन्खा ने मोदी सरकार से मांगी राहत
खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कामगारों पर बढ़ते हवाई किराए का बोझ अब राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। कांग्रेस सांसद Vivek Tankha ने इस मामले को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से खाड़ी देशों के लिए किफायती उड़ानों को फिर से शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगे हवाई किरायों की वजह से बड़ी संख्या में भारतीय कामगार गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने भारत नहीं आ पा रहे हैं।
विवेक तन्खा ने सरकार से अपील की है कि या तो हवाई किरायों में कमी की जाए या फिर यात्रियों को सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए, ताकि विदेशों में काम कर रहे भारतीयों को राहत मिल सके। इस संबंध में उन्होंने वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, विदेश मंत्री S. Jaishankar और नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
तन्खा के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र और विशेष रूप से United Arab Emirates में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं। यहां काम करने वाले अधिकांश कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं की ओर से यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 1000 दिरहम का फिक्स ट्रैवल अलाउंस मिलता है। पहले यह राशि भारत आने-जाने के लिए पर्याप्त होती थी, लेकिन अब हवाई किरायों में भारी बढ़ोतरी के कारण यह रकम टिकट की आधी लागत भी पूरी नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कहा कि हर साल छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने भारत आने वाले हजारों भारतीय अब बढ़ते खर्च और आर्थिक दबाव के चलते यात्रा करने में असमर्थ हैं। अपने पत्र में तन्खा ने सरकार से जून से अगस्त के बीच भारत-खाड़ी और यूएई रूट्स पर हवाई किरायों की समीक्षा कर उन्हें किफायती बनाने या जरूरत पड़ने पर सब्सिडी देने की मांग की है।