एलपीजी जहाज ‘जग विक्रम’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित पार किया, 15 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद
भारत के ध्वज वाला एलपीजी टैंकर जग विक्रम शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह जहाज करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी और 24 नाविकों के साथ भारत की ओर बढ़ रहा है तथा इसके 15 अप्रैल 2026 तक मुंबई पहुंचने की संभावना है।
जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, यह टैंकर शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच होर्मुज से गुजरा और अब पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं कई जहाज
मंत्रालय ने बताया कि यह जहाज ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी का है, जिसकी कुल क्षमता 26,000 टन से अधिक है। ‘जग विक्रम’ मध्यम आकार का गैस वाहक पोत है और मार्च की शुरुआत के बाद फारस की खाड़ी से निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज बन गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभी भी करीब 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जो सुरक्षित रूप से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले पश्चिम दिशा में 8 और पूर्व दिशा में 2 जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं।
विदेशी जहाज भी प्रभावित
भारतीय जहाजों के अलावा कई विदेशी ध्वज वाले पोत, जो भारत के लिए सामान ला रहे हैं, अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। मरीन ट्रैफिक डेटा के अनुसार, इस क्षेत्र में सैकड़ों जहाज मौजूद हैं, जिनमें 426 टैंकर, 34 एलपीजी कैरियर और 19 एलएनजी जहाज शामिल हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और किसी प्रकार की भीड़ या बाधा नहीं है। संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है—लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी।
हाल के पश्चिम एशिया तनाव के बीच यह मार्ग प्रभावित रहा है, हालांकि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनी है, जिसमें समुद्री मार्गों को फिर से खोलने का प्रावधान भी शामिल है।