ataltv.com

Hindi News, Breaking Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, ताजा हिंदी ख़बरें

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी का सांसदों को पत्र, 16 अप्रैल से संसद में होगी ऐतिहासिक चर्चा

नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन की अपील की है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर एकजुटता दिखाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में इस अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने और सबको साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

महिलाओं की भागीदारी पर जोर

पीएम मोदी ने लिखा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है कि महिलाएं पूरी क्षमता के साथ हर क्षेत्र में आगे आएं। आज देश की महिलाएं स्पेस, खेल, सशस्त्र बलों और स्टार्ट-अप्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।

एकजुटता का अवसर

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से इस अधिनियम का समर्थन किया था, जो भारत की लोकतांत्रिक एकजुटता का एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि यह कदम देश की आधी आबादी को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

2029 चुनाव से पहले लागू करने की तैयारी

पीएम मोदी ने कहा कि व्यापक विचार-विमर्श और विशेषज्ञों से सलाह के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अब इस कानून को पूरी भावना के साथ लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण लागू होने के बाद कराए जाएं।

सभी दलों से समर्थन की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में सभी सांसदों से अपील की कि वे संसद में इस विषय पर सक्रिय रूप से भाग लें और इस संशोधन को पारित कराने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है और देश की महिलाओं व आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।

🇮🇳 लोकतंत्र को नई ऊर्जा

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस कदम से लोकतांत्रिक संस्थाओं में नई ऊर्जा आएगी, जन-विश्वास मजबूत होगा और शासन व्यवस्था में व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। अंत में उन्होंने सांसदों से इस ऐतिहासिक अवसर को न गंवाने और देश की नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *