• July 15, 2026

युवाओं, खासकर महिलाओं में बढ़ रहा कोलन कैंसर का खतरा, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

कोलन कैंसर (Colon Cancer) को पहले बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। यह कैंसर बड़ी आंत (कोलन) की अंदरूनी परत में बनने वाले छोटे-छोटे कोशिकीय गुच्छों यानी पॉलीप्स (Polyps) से शुरू हो सकता है। ज्यादातर पॉलीप्स कैंसर नहीं होते, लेकिन समय के साथ कुछ पॉलीप्स कैंसर में बदल सकते हैं।

कई बार पॉलीप्स या शुरुआती कोलन कैंसर के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसलिए नियमित जांच और स्क्रीनिंग को महत्वपूर्ण माना जाता है। समय रहते पॉलीप्स की पहचान कर उन्हें हटाने से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

महिलाओं में कोलन कैंसर के लक्षणों को पीरियड की परेशानी समझने की गलती

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, युवा महिलाओं में कोलन कैंसर का खतरा बढ़ने के पीछे कई लाइफस्टाइल कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

महिलाओं में इसके शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य पीरियड से जुड़ी परेशानियों जैसे लग सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • पेट में ऐंठन या क्रैम्पिंग
  • पेट फूलना (ब्लोटिंग)
  • मल त्याग की आदतों में बदलाव
  • लंबे समय तक कब्ज या दस्त की समस्या
  • लगातार थकान
  • बिना वजह आयरन की कमी

इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना समस्या को गंभीर बना सकता है।

युवाओं में कोलन कैंसर बढ़ने के संभावित कारण

1. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन

पिज्जा, पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और ज्यादा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन आंतों के माइक्रोबायोम को प्रभावित कर सकता है। इससे आंतों में सूजन बढ़ सकती है और लंबे समय में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

2. डाइट में फाइबर की कमी

फाइबर आंतों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। कम फाइबर वाली डाइट से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

3. लगातार तनाव

लंबे समय तक रहने वाला तनाव शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा सकता है। इससे शरीर में सूजन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और आंतों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

45 साल से कम उम्र में इन संकेतों को गंभीरता से लें

अगर कम उम्र में निम्न समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है:

  • लगातार थकान महसूस होना
  • बिना कारण आयरन की कमी होना
  • मल त्याग की आदत में अचानक बदलाव
  • पेट दर्द या असामान्य सूजन
  • मल में खून आना या रंग में बदलाव

विशेषज्ञों के अनुसार, कोलन कैंसर का इलाज शुरुआती चरण में ज्यादा प्रभावी होता है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी लक्षण या बीमारी की स्थिति में डॉक्टर से जांच और सलाह जरूर लें।

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