• July 15, 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सतीश महाना के बयान से सियासत गरम, कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल

लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के एक बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

सतीश महाना ने कहा, “जिनका पैसा चोरी हुआ, शायद उन्होंने सच्ची श्रद्धा और आस्था से दान नहीं किया। हमने पूरी आस्था से दान किया था, हमारा पैसा मंदिर में लगा है।”

उनके इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई है।

उन्होंने कहा, “अब तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी मान लिया है कि श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी हुई है।”

दीपक सिंह ने आगे कहा कि सतीश महाना सौभाग्यशाली हैं कि उनके दान की राशि चोरी नहीं हुई, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और उनके बयान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, “चंपत राय समेत सभी दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि चढ़ावे की चोरी हुई है तो दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए। राम मंदिर को ऐसे लोगों से मुक्ति दिलाई जानी चाहिए।”

कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या विधानसभा अध्यक्ष के बयान के बाद सरकार इस मामले में और कड़ी कार्रवाई करेगी।

क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला?

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी से जुड़ा है।

आरोप हैं कि मंदिर में आने वाले भक्तों के नकद चढ़ावे की बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही थी और इस कथित गड़बड़ी में मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारी भी शामिल थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित तौर पर कुछ आरोपी फोन पर पहले से योजना बनाते थे और ड्यूटी शुरू होने से पहले सभी की भूमिकाएं तय कर ली जाती थीं।

SIT जांच में कई खुलासे

मामले के तूल पकड़ने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच और पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।

इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से लाखों रुपये की नकदी बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।

ट्रस्ट में हुए बदलाव

चढ़ावा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में भी कई बदलाव किए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर नियमों को और सख्त किया गया है।

इसके अलावा, मंदिर प्रशासन को और मजबूत करने के लिए जल्द ही राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति भी की जाएगी, जिसके लिए ट्रस्ट ने आवेदन आमंत्रित किए हैं।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले और उस पर आए राजनीतिक बयानों ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजर SIT की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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