जिस चेहरे से लोग डरते थे, उसी ने बनाया हॉरर फिल्मों का सुपरस्टार; ‘सामरी’ बनने की कहानी सुन भावुक हुए अनिरुद्ध अग्रवाल
नई दिल्ली: बॉलीवुड में कई कलाकार अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाते हैं, लेकिन कुछ की जिंदगी में किस्मत ऐसा मोड़ लेती है जो उन्हें हमेशा के लिए यादगार बना देता है। हिंदी हॉरर सिनेमा के चर्चित किरदार ‘सामरी’ को निभाने वाले अभिनेता अनिरुद्ध अग्रवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक समय ऐसा था जब लोग उनके चेहरे को देखकर घबरा जाते थे, लेकिन यही चेहरा आगे चलकर उन्हें भारतीय हॉरर फिल्मों का सबसे पहचान योग्य चेहरा बना गया।
मेडिकल समस्या ने बदल दी जिंदगी
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अनिरुद्ध अग्रवाल ने खुलासा किया कि एक मेडिकल समस्या के कारण उनके चेहरे की बनावट में बदलाव आ गया था। उन्होंने बताया कि इस वजह से उनका चेहरा काफी अलग और डरावना दिखाई देने लगा था। अनिरुद्ध ने कहा, “मुझे एक मेडिकल समस्या हो गई थी, जिसके कारण मेरा चेहरा बदल गया था। कई बार जब मैं बाहर जाता था तो लोग मुझे देखकर डर जाते थे। शुरुआत में मुझे इसका एहसास नहीं था, लेकिन एक दिन एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि मेरा चेहरा बेहद अलग और खतरनाक दिखता है और मुझे फिल्मों में काम करने की कोशिश करनी चाहिए।”
एक सलाह ने पहुंचाया रामसे ब्रदर्स तक
अनिरुद्ध ने बताया कि उस व्यक्ति ने उन्हें मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक रामसे ब्रदर्स से मिलने की सलाह दी। फिल्मों में काम करने की इच्छा पहले से रखने वाले अनिरुद्ध को यह सुझाव पसंद आया और वह सीधे रामसे ब्रदर्स के ऑफिस पहुंच गए। वहां उनकी मुलाकात तुलसी रामसे से हुई। अनिरुद्ध को देखते ही तुलसी रामसे काफी प्रभावित हुए क्योंकि उनकी फिल्म ‘पुराना मंदिर’ लंबे समय से एक ऐसे चेहरे की तलाश में थी, जो किरदार को वास्तविक और भयावह बना सके। इसके बाद उनकी मुलाकात फिल्म के निर्देशक श्याम रामसे से कराई गई। बातचीत के बाद दोनों ने अनिरुद्ध को फिल्म के लिए साइन कर लिया और यहीं से उनके फिल्मी करियर की नई शुरुआत हुई।
‘पुराना मंदिर’ ने बना दिया स्टार
साल 1984 में रिलीज हुई हॉरर फिल्म ‘पुराना मंदिर’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। फिल्म में अनिरुद्ध अग्रवाल द्वारा निभाया गया ‘सामरी’ का किरदार दर्शकों के बीच इतना लोकप्रिय हुआ कि वह हिंदी हॉरर सिनेमा का पर्याय बन गया। जिस चेहरे की वजह से लोग उनसे दूरी बनाते थे, वही उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया। सामरी का भयावह लुक और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार हॉरर किरदारों में गिना जाता है।
फिल्म ने की थी रिकॉर्ड कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 2.5 लाख रुपये के बजट में बनी ‘पुराना मंदिर’ ने करीब 2.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो उस दौर में बड़ी सफलता मानी जाती थी। फिल्म में मोहनीश बहल, आरती गुप्ता, पुनीत इस्सर, सदाशिव अमरापुरकर और प्रदीप गुप्ता जैसे कलाकार नजर आए थे। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा अनिरुद्ध अग्रवाल के निभाए गए ‘सामरी’ किरदार की हुई, जिसने उन्हें हॉरर फिल्मों का स्थायी चेहरा बना दिया।
कमजोरी से ताकत तक का सफर
अनिरुद्ध अग्रवाल की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जिंदगी में कभी-कभी वही चीज, जिसे लोग कमी समझते हैं, सफलता की सबसे बड़ी वजह बन सकती है। एक मेडिकल समस्या से बदला चेहरा उन्हें उस मुकाम तक ले गया, जहां उन्होंने भारतीय हॉरर सिनेमा के इतिहास में अपनी अलग पहचान बना ली।