बांकीपुर उपचुनाव: नतीजों से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा हमला, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। परिणाम आने से एक दिन पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी पार्टी जीत दर्ज करती है तो यह राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश होगा और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा।
“जन सुराज की जीत के बाद सम्राट चौधरी का रास्ता होगा साफ”
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के राजनीतिक कार्यकाल में कभी चुनाव जीतने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस उपचुनाव में प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि बांकीपुर में जन सुराज पार्टी को जीत मिलती है तो यह जनता का स्पष्ट संदेश होगा और इसके बाद सम्राट चौधरी के जाने का रास्ता खुल जाएगा।
पटना SSP और पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निर्देश पर उनकी पार्टी के स्थानीय नेताओं को हिरासत में लिया। उन्होंने मांग की कि चुनाव के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मतदान के दिन पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय सत्तारूढ़ दल के हित में कार्रवाई करता दिखाई दिया।
मतदान के दिन पुलिस से हुई तीखी बहस
मतदान के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना किसी वैध कारण के जन सुराज पार्टी के समर्थकों और मतदान अभिकर्ताओं को हिरासत में ले रही थी।
इसी दौरान पटना के गोलघर क्षेत्र में उनकी नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसका वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनीं।
नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि मतदान से एक दिन पहले शाम से लेकर देर रात तक जन सुराज पार्टी के 20 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में रखा।
उनका आरोप है कि पुलिस ने न तो औपचारिक रूप से गिरफ्तारी दर्ज की और न ही यह बताया कि उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि पहले नेताओं को अलग-अलग थानों में रखा गया, बाद में दानापुर ले जाया गया और मीडिया में मामला सामने आने के बाद उन्हें शाहपुर थाने में शिफ्ट कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना स्पष्ट आरोप के हिरासत में रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
“पुलिस राजनीतिक दल की तरह काम कर रही”
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष एजेंसी की तरह नहीं बल्कि एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है। उनका कहना है कि जन सुराज पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी गतिविधियों से दूर रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई।
उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए गए कम से कम 10 नेता पटना के निवासी हैं, जिन्हें देर रात उनके घरों से उठाया गया।
बांकीपुर उपचुनाव में 34.30 प्रतिशत मतदान
बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और कांग्रेस समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता के बीच माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो बिहार की राजनीति में आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।