दिल्ली जल बोर्ड टेंडर केस: सत्येंद्र जैन समेत 5 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, एक आरोपी पुलिस रिमांड पर
नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी अंकित श्रीवास्तव को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
अदालत ने सत्येंद्र जैन, उदित प्रकाश राय, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को 3 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की है।
उदित प्रकाश की जमानत पर आज होगी सुनवाई
उदित प्रकाश राय की ओर से अदालत में जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई। उनके वकील ने दलील दी कि वह वरिष्ठ सरकारी अधिकारी हैं और लंबे समय तक हिरासत में रहने से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) को जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए 20 अगस्त दोपहर 12 बजे सुनवाई तय की है। उदित प्रकाश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होंगे।
अंकित श्रीवास्तव से दो दिन होगी पूछताछ
अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की मांग स्वीकार करते हुए आरोपी अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन की बरामदगी और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि पूछताछ सीसीटीवी निगरानी वाले स्थान पर की जाए तथा आरोपी का नियमित मेडिकल परीक्षण भी कराया जाए। अंकित श्रीवास्तव को 21 अगस्त को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
1,943 करोड़ रुपये के टेंडर से जुड़ा है मामला
यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के करीब 1,943 करोड़ रुपये के उस टेंडर से जुड़ा है, जिसके तहत 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के उन्नयन और क्षमता विस्तार का कार्य प्रस्तावित था।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार तकनीकी मानकों में बदलाव, कुछ आवश्यक जल गुणवत्ता मानकों को हटाने और रोहिणी STP की क्षमता 15 MGD से बढ़ाकर 30 MGD करने के कारण सरकारी खजाने को करीब 123 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।
जांच में कुछ आरोपियों और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच कथित वित्तीय लेन-देन और व्हाट्सएप चैट भी सामने आने का दावा किया गया है।
गिरफ्तारी का आरोपियों ने किया विरोध
आरोपियों की ओर से अदालत में कहा गया कि एफआईआर मई 2024 में दर्ज हुई थी, लेकिन उनकी गिरफ्तारी लगभग 27 महीने बाद की गई। उनका कहना था कि वे लगातार जांच में सहयोग करते रहे हैं और अधिकांश दस्तावेज पहले ही जांच एजेंसी के कब्जे में हैं, इसलिए हिरासत की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, अदालत ने इस स्तर पर गिरफ्तारी को अवैध मानने से इनकार किया और कहा कि जमानत याचिकाओं पर अलग से सुनवाई की जाएगी।
25 अगस्त को होगी सत्येंद्र जैन की जमानत पर सुनवाई
सत्येंद्र जैन समेत अन्य चार आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत ने ACB से जवाब मांगा है। इन याचिकाओं पर 25 अगस्त को सुनवाई होगी।