UP के शिक्षण संस्थानों में अव्यवस्थाओं पर CM योगी सख्त, अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही; छात्रों के प्रदर्शन पर दिए बड़े निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सामने आ रही अव्यवस्थाओं और छात्र-छात्राओं के विरोध प्रदर्शनों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी शिक्षण संस्थानों से जुड़ी समस्याएं सामने आएं, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कई जिलों में छात्रों के प्रदर्शन पर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री ने लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव सहित कई जिलों में छात्रों के प्रदर्शन का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने, जिसमें छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़े। सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी बने नोडल अधिकारी
शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी जिलों में व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे और समस्याओं के समाधान की प्रगति पर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
छात्रों की शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि छात्र-छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित समाधान किया जाए। सरकार का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
डीएम और मंडलायुक्तों को भी जारी हुए निर्देश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों की जांच कर जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से तथ्यात्मक जानकारी साझा की जाए, ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
स्कूलों में सफाई और जलभराव पर विशेष अभियान
मुख्य सचिव ने बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, जलभराव की समस्या और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित कर स्कूलों में स्वच्छता, किचन शेड, बिजली, पेयजल और पठन-पाठन व्यवस्था का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने को कहा गया है।
शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति पर भी रहेगा फोकस
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्कूल बैग के लिए निर्धारित धनराशि समय पर अभिभावकों के खातों में पहुंचे तथा उसका उपयोग भी सुनिश्चित कराया जाए। इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों की नियमित उपस्थिति पर निगरानी रखने और स्कूल प्रबंधन समितियों को सक्रिय बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।