• August 20, 2026

कब्ज और भूख की समस्या से हैं परेशान? दूध में मुनक्का उबालकर पीने के बताए गए फायदे, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बदलती जीवनशैली, फाइबर की कमी, जंक फूड और अनियमित खान-पान के कारण आजकल कब्ज और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक कब्ज रहने से पेट ठीक से साफ नहीं होता, जिससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। आयुर्वेद में स्वस्थ पाचन को अच्छे स्वास्थ्य की बुनियाद माना गया है।

आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, जिन लोगों को भूख कम लगती है या कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए दूध में मुनक्का उबालकर सेवन करना लाभकारी माना जाता है।

दूध में मुनक्का उबालकर पीने के संभावित फायदे

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, मुनक्का केवल सूखा मेवा नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ माना जाता है। नियमित रूप से दूध में मुनक्का उबालकर पीने से—

  • भूख बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  • कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है।
  • पाचन क्रिया बेहतर हो सकती है।
  • शरीर की कमजोरी दूर करने में सहायता मिल सकती है।
  • पेट साफ रखने में मदद मिल सकती है।

उनका कहना है कि जिन लोगों को अधिक कब्ज की समस्या रहती है, वे विशेषज्ञ की सलाह के बाद इसमें थोड़ी ईसबगोल की भूसी भी मिला सकते हैं।

आयुर्वेद में त्रिफला और पंचसकार का भी उल्लेख

आयुर्वेद में कब्ज से राहत के लिए त्रिफला और पंचसकार चूर्ण जैसी पारंपरिक औषधियों का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि, इनका सेवन किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

आयुर्वेद में रोगों का कारण क्या माना गया है?

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, शरीर में वात, पित्त और कफ यानी त्रिदोष का असंतुलन कई रोगों की वजह माना जाता है। गलत खान-पान, अनियमित दिनचर्या और अस्वस्थ जीवनशैली इन दोषों को प्रभावित कर सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार शरीर की स्वाभाविक शुद्धि और संतुलित पाचन स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, “शरीर से गंदगी निकालने” या “डिटॉक्स” जैसे दावों के समर्थन में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में सीमित वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • यदि कब्ज कई दिनों तक बनी रहती है, मल में खून आता है या वजन तेजी से घट रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • पर्याप्त पानी पिएं और फाइबर युक्त आहार लें।
  • नियमित व्यायाम और समय पर भोजन की आदत अपनाएं।
  • किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है, विशेषकर यदि आप गर्भवती हैं, बुजुर्ग हैं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, दवा या आहार में बदलाव से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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