दिल्ली विधानसभा में चावल खरीद को लेकर हंगामा, AAP ने लगाया ₹22 हजार करोड़ घोटाले का आरोप; 8 विधायक मार्शल आउट
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को चावल खरीद और वितरण के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सरकार पर गरीबों के लिए खरीदे गए चावल को निजी कंपनियों को बेचने का आरोप लगाया और करीब ₹22 हजार करोड़ के कथित घोटाले का दावा किया। विवाद बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने AAP के आठ विधायकों को सदन से मार्शल आउट करवा दिया।
AAP ने लगाए गंभीर आरोप
AAP विधायकों का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) से लगभग ₹23 प्रति किलो की दर से चावल खरीदा था। पार्टी का दावा है कि यह चावल गरीबों में वितरित करने के बजाय कथित तौर पर निजी कंपनियों को अधिक कीमत पर बेच दिया गया।
AAP का आरोप है कि इस प्रक्रिया में गरीबों तक चावल नहीं पहुंचा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उद्देश्य से खरीदे गए अनाज का दुरुपयोग किया गया।
चावल की बोरियां लेकर पहुंचे विधायक
अपने आरोपों के समर्थन में AAP विधायक चावल की बोरियां लेकर विधानसभा पहुंचे और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। जब उनकी मांग स्वीकार नहीं हुई तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।
हंगामे के दौरान AAP विधायक कुलदीप कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन की ओर चावल फेंक दिया। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को बुलाकर हंगामा कर रहे आठ AAP विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया।
सरकार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी। सिरसा ने आरोप लगाने वाले विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि झूठे आरोपों का जवाब अदालत में दिया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार संबंधित विधायकों के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि झूठे आरोप लगाने वालों को अदालत में जवाब देना पड़ेगा।
सिरसा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि AAP के पास जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह सदन में बेबुनियाद आरोप लगाकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रही है।
CAG रिपोर्ट पर भी सरकार का हमला
इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए पिछली सरकार पर विभिन्न मामलों में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इसके बाद चावल खरीद और वितरण का मुद्दा सदन में प्रमुख राजनीतिक विवाद बन गया।
फिलहाल, चावल खरीद और वितरण को लेकर AAP और दिल्ली सरकार आमने-सामने हैं। AAP जहां कथित घोटाले की जांच और सदन में चर्चा की मांग कर रही है, वहीं सरकार ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है।