अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। अब चंपत राय महासचिव पद पर नहीं रहेंगे, हालांकि वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की, जिसमें कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने एजेंडा प्रस्तुत किया। बैठक में मौजूद साधु-संतों ने मामले को लेकर चिंता जताई और कहा कि इस घटना से श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि शुरुआती स्तर पर हुई लापरवाही और खामियों के कारण स्थिति बिगड़ी, जिससे आस्था को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ प्रक्रियात्मक कमियों पर उस समय पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। इसी बीच ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने एफआईआर दर्ज कराने के पीछे की वजह स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आने के बाद ही कानूनी कार्रवाई के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई। उनके अनुसार, प्रथम दृष्टया मिले तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया। सूत्रों के अनुसार, चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में मौजूद नहीं थे, हालांकि उनके इस्तीफों पर विचार के लिए ही यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचा जा सके। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि आस्था और प्रबंधन से जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस फैसले के बाद ट्रस्ट के भीतर प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं और मामले की जांच पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
1 min to read
