भाषा विश्वविद्यालय में हुआ ‘Prompt Lab: AI Masterclass’ का आयोजन, विद्यार्थियों ने सीखी AI और प्रभावी Prompt Writing की तकनीक
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आधुनिक तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराने के उद्देश्य से गुरुवार को दो घंटे के ‘Prompt Lab: AI Masterclass’ का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित यह मास्टरक्लास सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित हुई।
मास्टरक्लास का संचालन बी.कॉम तृतीय वर्ष के विद्यार्थी अंशदीप सिंह और वंशिका पांडेय ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं, बदलते शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिदृश्य में AI की उपयोगिता और विभिन्न AI टूल्स के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी।
AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की दी जानकारी
मास्टरक्लास के दौरान GPT-6 Astra, Google Flow और Claude सहित विभिन्न AI टूल्स की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार AI टूल्स का इस्तेमाल अकादमिक कार्यों, कंटेंट निर्माण, रिसर्च और व्यावसायिक गतिविधियों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण Prompt Writing रहा। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समझाया कि AI से अपेक्षित और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए स्पष्ट, सटीक और प्रभावी Prompt तैयार करना क्यों जरूरी है।
उन्होंने ChatGPT के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से Prompt तैयार करने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित किया। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि अलग-अलग जरूरतों के अनुसार Prompt को किस तरह संरचित किया जाए, ताकि AI से अधिक उपयोगी और सटीक परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
जिम्मेदार और रचनात्मक AI इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. रुचिता सुजाई चौधरी ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में विद्यार्थियों के लिए उभरती तकनीकों की जानकारी हासिल करना और उनके जिम्मेदार एवं प्रभावी उपयोग की समझ विकसित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि AI जैसी तकनीकें विद्यार्थियों के लिए सीखने, शोध और रचनात्मक कार्यों के नए अवसर खोल रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन तकनीकों की संभावनाओं के साथ-साथ उनके जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जागरूक होना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. शचीन्द्र शेखर और डॉ. नसीब की भी उपस्थिति एवं सहभागिता रही। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी बदलावों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखने और AI जैसी उभरती तकनीकों का रचनात्मक एवं जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित कार्यक्रम महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सैयद काज़िम रिज़वी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने वक्ताओं और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों को बदलते अकादमिक और पेशेवर परिवेश के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि AI और Prompt Writing जैसी तकनीकों की समझ आज के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल बनती जा रही है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।