अखिलेश यादव का बुलंदशहर दौरा रद्द, सपा ने लगाया परमिशन न देने का आरोप; सरकार ने दिया जवाब
लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। सपा का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम और हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण अखिलेश यादव का दौरा रद्द करना पड़ा। पार्टी का कहना है कि पहले 22 अगस्त को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन प्रस्तावित था, लेकिन कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को कार्यक्रम तय किया गया, लेकिन अब इसे भी अनुमति नहीं मिलने के कारण रद्द करना पड़ा।
11-12 सितंबर को प्रस्तावित था अखिलेश यादव का कार्यक्रम
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह के मुताबिक, अखिलेश यादव का 11 और 12 सितंबर को बुलंदशहर जाने का कार्यक्रम तय हुआ था। 11 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस और 12 सितंबर को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाना था। इसके लिए एक होटल में भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
उदयवीर सिंह ने बताया कि पार्टी ने अखिलेश यादव के हेलीकॉप्टर के लिए 11 सितंबर को पुलिस लाइन में हेलीपैड की अनुमति मांगी थी। उनका कहना है कि पुलिस लाइन का हेलीपैड सुरक्षा की दृष्टि से सबसे सुरक्षित माना जाता है।
हालांकि, सपा प्रवक्ता के अनुसार प्रशासन ने पुलिस लाइन की जगह एक निजी जमीन पर 12 सितंबर को हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति दी। इसके बाद पार्टी ने कार्यक्रम रद्द कर दिया।
सपा ने प्रशासन पर लगाया कार्यक्रम रद्द कराने का आरोप
सपा का आरोप है कि प्रशासन की ओर से लगातार अनुमति को लेकर अड़चनें पैदा की जा रही हैं। पार्टी प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि पहले 22 अगस्त का कार्यक्रम कांवड़ यात्रा के चलते टालना पड़ा था। प्रशासन की ओर से यात्रा समाप्त होने के बाद अनुमति देने की बात कही गई थी।
इसके बाद 12 सितंबर को कार्यक्रम तय किया गया, लेकिन जिस मैदान में सभा होनी थी, उसकी अनुमति भी नहीं दी गई। इसी वजह से पार्टी ने कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया।
अखिलेश यादव ने एक्स पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने भी इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बुलंदशहर में प्रस्तावित हेलीपैड के आसपास दूर-दूर तक जलभराव नहीं है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि शासन के निर्देश पर प्रशासन उनके कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना तलाश रहा है। उन्होंने निष्पक्ष विशेषज्ञों से सपा पदाधिकारियों की मौजूदगी में मौके की जांच कराने की मांग भी की।
अखिलेश यादव ने यह सवाल भी उठाया कि अगर वह सड़क मार्ग से बुलंदशहर पहुंचते हैं तो क्या एक्सप्रेसवे, हाईवे या सड़क खराब होने का हवाला देकर नए बहाने बनाए जाएंगे। उन्होंने पूछा कि हेलीपैड और मौसम विपक्ष के नेताओं के लिए ही खराब क्यों हो जाता है?
परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने सपा के आरोपों पर दिया जवाब
सपा के आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वास्तव में बुलंदशहर जाना नहीं चाहते और केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं।
दया शंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव पिछले एक साल के दौरान कहां-कहां गए, इसका रिकॉर्ड देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर सपा प्रमुख को बुलंदशहर जाना है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वहां एयरपोर्ट बनाया है और अखिलेश यादव वहां पहुंचकर सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक जा सकते हैं।
चुनाव से पहले बढ़ रही सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने में जुटी है। इसी क्रम में अखिलेश यादव के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को अहम माना जा रहा था।
वहीं, सपा की छात्र इकाई के स्तर पर भी संगठनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं। हाल ही में समाजवादी छात्र सभा के ड्रेस कोड में बदलाव की खबर सामने आई थी, जिसके तहत कार्यकर्ता ब्लू टी-शर्ट, जींस और लाल टोपी में नजर आने वाले हैं।
ऐसे में अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे को लेकर सामने आया विवाद यूपी की सियासत में एक और राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है।