• June 8, 2026

राम मंदिर चढ़ावे पर सियासी संग्राम! अखिलेश के आरोपों पर चंपत राय की सफाई, फिर सपा प्रमुख का पलटवार

लखनऊ/अयोध्या: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए करोड़ों रुपये के कथित गबन का मुद्दा उठाया है। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे नियमित ऑडिट प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। हालांकि चंपत राय की सफाई के बाद अखिलेश यादव ने फिर तीखा पलटवार किया है।

अखिलेश यादव ने लगाए गंभीर आरोप

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाते हुए सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। अखिलेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था है और ऐसे में मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं।

उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट के लिए शर्मनाक स्थिति है और कोई भी स्पष्ट रूप से सफाई देने के लिए सामने नहीं आ रहा है।

चंपत राय ने बताया ‘रूटीन ऑडिट’

इन आरोपों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रस्ट का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट कराया जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट और बैंक के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं और कई दिनों तक जांच चलती है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल जो प्रक्रिया चल रही है, वह सामान्य ऑडिट का हिस्सा है और अभी तक किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।

चंपत राय की सफाई पर अखिलेश का पलटवार

चंपत राय के बयान के बाद अखिलेश यादव ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि “स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है” और ऐसा लग रहा है कि यह उनके लिए हर हफ्ते की सामान्य बात हो।

अखिलेश ने चंपत राय के हाव-भाव और बयान को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनमें हताशा और निराशा झलक रही है।

सपा नेता ने लगाए करोड़ों की चोरी के आरोप

अयोध्या से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की कथित चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप गलत हैं, तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सार्वजनिक रूप से सामने आकर प्रभु श्रीराम की कसम खाकर इन आरोपों को झूठा बताएं। वहीं, यदि आरोप सही हैं तो तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।

कैसे होती है चढ़ावे की व्यवस्था?

गौरतलब है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर कई दानपात्र रखे हैं। श्रद्धालु दर्शन के बाद अपनी श्रद्धानुसार नकद दान इन पेटिकाओं में जमा करते हैं।

ट्रस्ट की ओर से इस धनराशि को प्रतिदिन एकत्रित कर गिनती कराई जाती है। इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को अधिकृत किया गया है, जो दान राशि की गिनती और प्रक्रिया में सहयोग करता है।

फिलहाल इस पूरे मामले ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर बहस को तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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