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हिमाचल दिवस पर राज्यपाल ने शिमला में फहराया तिरंगा

हिमाचल प्रदेश में 77वां हिमाचल दिवस सोमवार को हर्षाेल्लास व उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर परेड कमांडर, आईपीएस अभिषेक के नेतृत्व में राज्य पुलिस, होमगार्ड, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स तथा एनसीसी कैडेटों की टुकड़ियों द्वारा भव्य मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह खूबसूरत राज्य 15 अप्रैल, 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय के साथ अस्तित्व में आया था। राज्य की समृद्ध संस्कृति, उच्च परम्पराएं और असीम प्राकृतिक सौंदर्य, देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। राज्य की वास्तविक शक्ति यहां के ईमानदार, कर्मठ और विकासशील लोग हैं तथा यहां शांतिपूर्ण वातावरण व सामाजिक सौहार्द है, जो इस पहाड़ी राज्य को दूसरों से अलग बनाता है।

राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के अस्तित्व में आने के बाद इस छोटे से पहाड़ी प्रदेश ने तेजी से विकास का सफर तय किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, दुर्गम क्षेत्र और अन्य जटिलताएं भी यहां के मेहनतकश लोगों के साहस को कम नहीं कर पाईं। प्रदेशवासियों ने राज्य को उन ऊंचाइयों तक पहुंचाया जो दूसरों के लिए एक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों से विकास के सफर की शुरुआत करने के बाद आज हिमाचल देश भर में पहाड़ी राज्यों के विकास का आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। इसका श्रेय यहां के ईमानदार लोगों को जाता है जिन्होंने अपनी निष्ठा और लग्न से प्रदेश को विकास के इस आयाम तक पहुंचाया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेशवासी भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर रखने में सदैव प्रयासरत रहेंगे। शुक्ल ने कहा कि युवा ही राष्ट्र की असली संपत्ति हैं, जो देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने युवाओं मेें बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। इस सामाजिक बुराई के खिलाफ हमें मिलकर काम करना चाहिए। इसके लिए, शिक्षण संस्थान, समाज के सभी वर्ग और युवाओें को जोड़कर एक प्रभावी संदेश देना होगा ताकि उनकी ऊर्जा व सामर्थ्य का राष्ट्र निर्माण में सदुपयोग हो सके। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूती से पहल करें और प्रदेश को और सशक्त बनाने में योगदान दें।

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