राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- ज्ञानेश कुमार पद से हटेंगे और जेल जाएंगे, देश में हो रही वोटों की चोरी
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता इस रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से वोटों की चोरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाया जाएगा और वह जेल जाएंगे।
‘EVM और वोटर लिस्ट के जरिए हो रही वोटों की चोरी’
रामलीला मैदान में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में सालों से वोटों की चोरी हो रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी वोट चोरी का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि EVM के जरिए और मतदाता सूची से नाम हटाकर या उसमें नाम जोड़कर वोटों की चोरी की गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
‘ज्ञानेश कुमार अपने पद से जरूर हटेंगे, जेल जाएंगे’
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “मैं जो भी कहता हूं, वह हमेशा सच साबित होता है। मैं भारत के हर नागरिक और हर युवा से कह रहा हूं कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटा दिया जाएगा। ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि देश को सही रास्ते पर वापस लाने का पहला कदम ज्ञानेश कुमार को हटाना है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश की आवाज और उसकी आत्मा को दबाने का प्रयास किया है।
किसानों, युवाओं और मजदूरों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। मजदूरों को भी उनका अधिकार नहीं मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सारी संपत्ति दो-तीन लोगों के हाथों में चली गई है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत ऐसा देश नहीं होना चाहिए, जहां कुछ चुनिंदा लोगों का ही अधिकार हो।
उन्होंने कहा, “अगर कोई किसान कड़ी मेहनत करता है, तो उसे उसका फल मिलना ही चाहिए। अगर कोई स्टूडेंट 18 घंटे पढ़ाई करता है, तो उसको रोजगार मिलना ही चाहिए। हम ऐसा देश नहीं चाहते जो महज दो-तीन लोगों का हो।”
‘हम ऐसा भारत चाहते हैं, जहां हर कोई शामिल हो सके’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में शिव की बारात का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि क्या किसी को शिव की बारात में हिस्सा लेने से रोका जा सकता है?
उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसा ही भारत चाहता है, जहां हर किसी को समान अवसर मिले और किसी के साथ भेदभाव न हो।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का यह प्रदर्शन किसी एक पार्टी या नेता का नहीं है, बल्कि यह एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन है। उन्होंने इसे भारत की आवाज बताते हुए कहा कि देश में फिर से प्यार और भाईचारा वापस लाना जरूरी है।
‘मुझे बुरा लग रहा है कि ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं’
राहुल गांधी ने अपने भाषण में ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त रात में सो नहीं पा रहे हैं और डरे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे बुरा लग रहा है कि ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं और रात को सो नहीं पा रहे हैं। लेकिन उन्होंने सबसे बड़ा अपराध किया है- देश की आवाज और उसकी आत्मा को दबाने का प्रयास किया है।”
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष नफरत और दुश्मनी की राजनीति नहीं करता, बल्कि देश में प्यार और भाईचारा वापस लाना चाहता है।
अमित शाह ने रैली की तारीख पर उठाए सवाल
इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की रामलीला मैदान में आयोजित रैली की तारीख को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 को सिखों की हत्या हुई थी और इसी दिन राहुल गांधी ने रैली आयोजित की।
अमित शाह ने सवाल किया कि जिस दिन सिखों की हत्या हुई थी, उस दिन राहुल गांधी ने जलसा क्यों रखा। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में रैली को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
