पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के राशन वितरण मामले में किए गए विदेशी मुद्रा विनिमय लेनदेन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मदद मांगी है। ईडी ने पहले ही कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में विस्तार से बताया है कि कैसे मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता शंकर आध्या ने कथित घोटाले की कई करोड़ रुपये की रकम को पहले विदेशी मुद्रा में और […]Read More
केंद्र की सत्ता से नरेंद्र मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए बने विपक्षी गठबंधन इंडी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। बंगाल में अब कांग्रेस और सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल के बीच खुली तकरार सामने आ गई है। तृणमूल कांग्रेस ने सीधे तौर पर कांग्रेस को यह चेतावनी दे दी है कि वह राज्य में सभी 42 सीटों पर अब चुनाव लड़ने जा रही है। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने शनिवार को […]Read More
भारत-बांग्लादेश के बीच समुद्र तटीय पर्यटन की अपार संभावनाएं, और
बांग्लादेश के जलपथ परिवहन और जहाजरानी राज्य मंत्री खालिद महमूद चौधरी ने कहा है कि जिस तरह भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत रिश्ते हैं, ऐसे में दोनों देशों के बीच समुद्र तटीय पर्यटन की संभावनाएं सबसे अधिक हैं। हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, “पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय भागीदारी लोगों के आपसी संबंधों में बड़ी भूमिका निभाएगी। इसे हमने भारत की गंगा लग्जरी क्रूज सर्विस के जरिए पहले भी देखा है। […]Read More
घने कोहरे से काकद्वीप में फंसी 175 गंगासागर तीर्थ यात्रियों
पश्चिम बंगाल के मशहूर तीर्थ गंगासागर में पुण्य स्नान के लिए गए यात्रियों के जत्थे अब लौटने लगे हैं। मंगलवार सुबह घने कोहरे की वजह से 175 तीर्थ यात्रियों को लेकर जा रही फेरी नामखाना के पास काकद्वीप में फंस गई। भारतीय तटरक्षक बल के जवान हल्दिया से जा पहुंचे और सभी तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित बचाया है। कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता संजय भारद्वाज ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बचाव एवं राहत […]Read More
पूरी दुनिया में प्रवासी पक्षियों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। इससे पक्षी प्रेमियों की चिंता और निराशा दोनों बढ़ने लगी है। जलपाईगुड़ी क्षेत्र प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना रहा है। यहां की रहने वाली मौसमी दत्त पर्यावरण कार्यकर्ता और पक्षी प्रेमी हैं। “हिन्दुस्थान समाचार” से विशेष बातचीत में वह कहती हैं, ”मैं पहली बार 2004-05 में तीस्ता नदी पर बने बांध के पानी में आने वाले प्रवासी पक्षियों को देखने गई थी। यहां […]Read More






