ईरान डील पर अपने ही बयान में घिरे ट्रंप, पत्रकार के सवाल पर मीडिया पर बरसे अमेरिकी राष्ट्रपति
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक पत्रकार के सवाल पर असहज नजर आए। ईरान के साथ हुए हालिया समझौते को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक अमेरिकी पत्रकार ने ट्रंप को उनके ही पुराने बयान की याद दिलाई, जिसके बाद राष्ट्रपति ने जवाब देने के बजाय मीडिया पर तीखा हमला बोल दिया।
अपने ही बयान से घिरे ट्रंप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फॉक्स न्यूज के पत्रकार पीटर डूसी ने ट्रंप से कहा कि जनवरी 2020 में एक व्यक्ति ने कहा था, “ईरान कभी युद्ध नहीं जीतता, लेकिन बातचीत की मेज पर कभी हारता भी नहीं है।”
इस पर ट्रंप ने पूछा, “यह किसने कहा था?”
पत्रकार ने जवाब दिया, “डोनाल्ड ट्रंप ने।”
यह सुनकर ट्रंप हल्का मुस्कुराए और बोले, “मुझे लगा था कि आप यही कहने वाले हैं।”
ईरान डील पर पूछा गया सवाल
इसके बाद पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि वे अमेरिका लौटकर उन लोगों को कैसे समझाएंगे जो मानते हैं कि मौजूदा समझौते में ईरान को अधिक फायदा मिला है और यह अमेरिका की जीत नहीं है। सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि ईरान ने सैन्य रूप से नुकसान उठाया है और उसे हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि, जवाब देते-जवाब देते उन्होंने चर्चा का रुख मीडिया की ओर मोड़ दिया।
मीडिया पर साधा निशाना
ट्रंप ने दावा किया कि यदि ईरान पूरी तरह हार स्वीकार भी कर ले, तब भी कुछ प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थान इसे ईरान की जीत बताने की कोशिश करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कुछ बड़े मीडिया संगठनों की आलोचना करते हुए कहा कि वे उनके खिलाफ नकारात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया को निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन कई संस्थानों ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पिछले चुनावी अभियान के दौरान उनके बारे में अधिकांश खबरें नकारात्मक थीं और उनकी उपलब्धियों को भी गलत तरीके से पेश किया गया।
विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
ट्रंप ने कहा कि मीडिया की गिरती साख का असर जनता के भरोसे पर पड़ा है। उनके अनुसार, कई समाचार संस्थानों की विश्वसनीयता कम होने के कारण लोग उनकी बातों पर पहले जैसा भरोसा नहीं करते। G7 सम्मेलन में हुआ यह संवाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर ट्रंप समर्थक इसे राष्ट्रपति का मजबूत जवाब बता रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने मूल सवाल का सीधा जवाब देने से बचते हुए मीडिया पर हमला बोलना ज्यादा उचित समझा।