राम मंदिर चढ़ावा विवाद: SIT ने तेज की जांच, दान प्रबंधन से जुड़े कई नाम जांच के घेरे में
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और दान के कथित गबन के आरोपों को लेकर जांच तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) मंदिर ट्रस्ट, बैंकिंग प्रक्रिया और दान प्रबंधन से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान कुछ नाम विशेष रूप से चर्चा में आए हैं, जबकि कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है। हालांकि अभी तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक रूप से आरोप साबित नहीं हुए हैं और जांच जारी है। मंदिर ट्रस्ट ने भी कहा है कि अंतिम निष्कर्ष ऑडिट और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
कैसे आता है राम मंदिर में दान?
राम मंदिर में श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों से दान करते हैं। मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार, मुख्य गर्भगृह के आसपास और निकास मार्ग पर कई दान पात्र रखे गए हैं, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद राशि जमा करते हैं। इसके अलावा कई श्रद्धालु सीधे ट्रस्ट कार्यालय में जाकर दान करते हैं और रसीद प्राप्त करते हैं। नकद दान के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी मंदिर को समर्पित की जाती हैं।
दान की गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया
दान पात्रों से निकाली गई राशि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत एकत्रित किया जाता है। इसके बाद अधिकृत कर्मियों और बैंक से जुड़े प्रतिनिधियों की निगरानी में धनराशि की गिनती होती है। गिनती के बाद पूरी राशि बैंक खातों में जमा कर दी जाती है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कई कर्मचारी और अधिकृत एजेंसियां शामिल रहती हैं तथा समय-समय पर ऑडिट भी कराया जाता है।
अब तक हजारों करोड़ का मिला दान
राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों के लिए देश-विदेश से बड़ी मात्रा में दान प्राप्त हुआ है। ट्रस्ट के पूर्व बयानों के अनुसार, मंदिर निर्माण पर अब तक बड़ी राशि खर्च की जा चुकी है, जबकि शेष धनराशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है।
किन नामों पर है सबसे ज्यादा चर्चा?
जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जो कथित तौर पर दान प्रबंधन और धनराशि की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं। इनमें राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और गोपाल राय का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। बताया जा रहा है कि दोनों विभिन्न स्तरों पर मंदिर से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है।
11 लोगों से पूछताछ
SIT अब तक कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच टीम वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, संपत्तियों और दान प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
ट्रस्ट ने क्या कहा?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार पूरे मामले का ऑडिट और जांच चल रही है तथा रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नकदी के अलावा सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य चढ़ावे को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और SIT की अगली रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।